भास्कर न्यूज | कवर्धा शहर के आउटडोर स्टेडियम के पास संचालित नगर पालिका का स्वीमिंग पूल इन दिनों पानी की बर्बादी का बड़ा उदाहरण बन गया है। फिल्टर मशीन खराब होने के कारण हर सप्ताह सफाई के नाम पर करीब 4 लाख लीटर पानी नाली में बहाया जा रहा है। लेकिन नगर पालिका इसे सुधारने में कोई रुचि नहीं दिखा रही। जानकारी के मुताबिक स्वीमिंग पूल की फिल्ट्रेशन मशीन वर्ष 2023 से खराब पड़ी है। इसके बाद भी पूल का संचालन जारी है। फिल्टर मशीन खराब होने के कारण पूल के पानी को पुनः उपयोग योग्य नहीं बनाया जा रहा है। इसलिए मेंटेनेंस के नाम पर हर मंगलवार पूरे पूल का पानी बदला जाता है, जो सीधे नालियों में बह जाता है। स्वीमिंग पूल की मॉनिटरिंग कर रहे राजेश निर्मलकर का कहना है कि फिल्टर मशीन खराब होने की जानकारी नगर पालिका को लिखित रूप से दी गई। लेकिन सुधार नहीं हुआ है। मामले में सीएमओ रोहित साहू को कॉल लगाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किए। स्वीमिंग पूल का आकार 50 मीटर लंबा, 25 मीटर चौड़ा और 12 फीट (लगभग 3.66 मीटर) गहरा है। इस गणना से पूल में करीब 4 लाख लीटर पानी आता है। यानी हर बार मेंटेनेंस के नाम पर इतना पानी बर्बाद हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार एक व्यक्ति को पीने, स्वच्छता और भोजन पकाने के लिए प्रति दिन कम से कम 50 से 100 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। यानी पूल से जितना पानी बर्बाद किया जा रहा है, उससे लगभग 4 हजार आबादी को एक दिन का पानी मिल सकता है। स्वीमिंग पूल के करीब 300 नियमित सदस्य हैं, जिनसे सालाना मेंबरशिप शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी फिल्टर मशीन को दुरुस्त नहीं किया गया। फीस वसूली तो हो रही है, बुनियादी व्यवस्था ध्यान नहीं दे रहे।


