भास्कर न्यूज | हजारीबाग नगर निगम (आम) निर्वाचन–2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। शनिवार को एनआईसी में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की मौजूदगी में मतदान कर्मियों का प्रथम रेंडमाइजेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रक्रिया के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि आगामी नगर निगम चुनाव के लिए मतदान टीमों का प्रारंभिक ढांचा तय कर लिया गया है। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया चुनाव की विश्वसनीयता का अहम आधार होती है, जिससे किसी भी प्रकार के पक्षपात की संभावना समाप्त हो जाती है। प्रथम रेंडमाइजेशन के तहत मतदान कर्मियों का कंप्यूटरीकृत चयन किया गया, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि हर मतदान केंद्र पर प्रशिक्षित और जिम्मेदार कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, जिससे मतदाताओं को बिना किसी परेशानी के मतदान का अवसर मिल सके। इस दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अनूप कच्छप, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी संदीप कुमार सहित निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि आगामी चरणों में मतदान कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके। प्रशासन की इस पहल से साफ है कि हजारीबाग नगर निगम चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ रही हैं और हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। भास्कर न्यूज | हजारीबाग नगर निगम आम निर्वाचन–2026 को लेकर जिला प्रशासन ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की दिशा में सख्ती के संकेत दे दिए हैं। शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में सामान्य प्रेक्षक रविराज शर्मा और व्यय प्रेक्षक पंकज नारायण की अध्यक्षता में महापौर व वार्ड पार्षद पद के सभी उम्मीदवारों के साथ अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट शब्दों में यह संदेश दिया गया कि आदर्श आचार संहिता और चुनावी व्यय नियमों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। प्रेक्षकों ने उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान होने वाले प्रत्येक खर्च का विधिवत लेखा-जोखा रखने का निर्देश दिया। बताया गया कि प्रचार में इस्तेमाल होने वाले बैनर, पोस्टर और पंपलेट पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम अंकित करना अनिवार्य है, जबकि सभा, जुलूस और प्रचार कार्यक्रमों के लिए पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा। मतदान से 48 घंटे पहले सभी प्रकार के प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिसका उल्लंघन दंडात्मक कार्रवाई को न्योता देगा। व्यय प्रेक्षक ने साफ किया कि नामांकन के समय नाजिर रसीद कटने से लेकर परिणाम घोषणा तक निर्वाचन से जुड़ा हर खर्च उम्मीदवार के घोषित बैंक खाते से ही किया जाएगा। व्हाइट, पिंक और येलो प्रपत्रों में कैश बुक, प्राप्ति-भुगतान का ब्यौरा संधारित करना अनिवार्य होगा। निर्धारित रेट चार्ट के अनुसार ही खर्च करने और सभी वाउचर सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में वाहन उपयोग, लाउडस्पीकर, सभा-जुलूस के संचालन से जुड़े नियमों की भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि 11, 16 और 20 फरवरी 2026 को निर्वाचन व्यय की विशेष जांच बैठकें होंगी, जिनमें उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को व्यय रजिस्टर, वाउचर और बैंक पासबुक के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। बैठक ने साफ कर दिया कि इस बार हजारीबाग नगर निगम चुनाव में निगरानी कड़ी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई तय है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—चुनाव प्रचार आजादी से करें, लेकिन नियमों की लक्ष्मण रेखा पार न करें। भास्कर न्यूज |केरेडारी केरेडारी व पगार ओपी पुलिस तथा सीआईएसएफ जवानों के प्रयास से शनिवार को एनटीपीसी के चट्टीबारियातु कोयला खनन परियोजना में 20 वें दिन उत्खनन व ट्रांसपोर्टिंग के कार्य शुरू किए गए। शनिवार सुबह आंदोलन कर रहे महिलाएं सीएचपी के अंदर चली गयी थी जिन्हें महिला पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खनन क्षेत्र से बाहर किया तब दोपहर से उत्खनन, ट्रांसपोर्टिंग, क्रासिंग व बाहर ट्रांसपोर्टिंग शुरू कराया जा सका। इस दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव नही थे । मौके पर सिर्फ उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी कुछ महिलाओं के साथ धरना स्थल पर थीं। माइंस क्षेत्र में सीआईएसएफ ने कमान संभाल ली है। इससे शाम तक धरना में बैठी पूर्व विधायक निर्मला देवी व महिलाएं धरना स्थल से चली गयी थी। इधर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव कहाँ है उनकी क्या प्रतिक्रिया है समाचार लिखे जाने तक नही मिल पाया। ज्ञात हो कि पूर्व मंत्री अपनी मांगों को लेकर फेज टू के आंदोलन में विगत 31 दिसंबर से सीबी माइंस कांटा घर स्थित कर्बला के पास धरने पर बैठे हैं लेकिन गत 19 जनवरी से सीबी माइंस को पूर्ण रूपेण उत्पादन व ट्रांसपोर्टिंग कार्य को ठप करा दिया था। वहीं उत्पादन व सीएचपी में क्रासिंग नही होने से कोयला का डिस्पैच भी बन्द हो गया था। पावर प्लांटों में कोयला का ट्रांसपोर्टिंग भी पांच दिन से बन्द था। इससे खासकर नॉर्थ कर्णपुरा सुपर थर्मल पावर स्टेशन टंडवा में कोयला नही पहुँचने से बिजली उत्पादन में भी परेशानी आ गयी थी। अब माइंस शुरू होने से मजदूर,हाईवा मालिक व कम्पनी को भी राहत महसूस हुआ है।


