पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने गुरदासपुर के सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद उन्होंने सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान, अस्पताल के कई बाथरूम बंद पाए गए और ब्लड बैंक में कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। इन गंभीर कमियों को देखते हुए डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई गई। आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने पूछा कि यह अस्पताल है या झुग्गी बस्ती। डॉक्टरों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई निर्देश शंटी ने यह भी पाया कि मरीजों के लिए अस्पताल में उचित व्यवस्था नहीं की जा रही थी। सरकारी एम्बुलेंस के चालकों को भी रिकॉर्ड बुक में मरीज का नंबर दर्ज न करने के लिए फटकार लगाई गई। उन्होंने गुरदासपुर के सिविल सर्जन को लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।


