शहर में बढ़ती चेन स्नेचिंग की वारदातों पर लगाम कसते हुए कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 5,000 रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी राजवीर बावरिया को कोटपुतली के पास से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए एक खेत में रखवाली का काम कर रहा था।
शाम के अंधेरे में दिया था वारदात को अंजाम घटना पिछले साल 4 अगस्त 2024 की है। वार्ड नंबर 10 निवासी कामिनी गुप्ता अपनी बेटी के साथ स्कूटी पर मण्ड्रेला रोड से लौट रही थीं। शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच, गाड़िया भवन के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने चलती स्कूटी से उनकी सोने की चेन झपट ली और रफूचक्कर हो गए। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हुए बदमाश एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने इस मामले में तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार दी जा रही दबिश के कारण गैंग के सदस्य दारासिंह, विक्रम, राजू और राजवीर अपने स्थाई ठिकाने छोड़ने पर मजबूर हो गए। आर्थिक तंगी और पुलिस के डर से आरोपी अलग-अलग जगहों पर छिपकर फरारी काट रहे थे। कोटपुतली के खेत से ‘ऑपरेशन अरेस्ट’ मुखबिर तंत्र और तकनीकी सर्विलांस की मदद से सउनि नरेंद्र सिंह को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी सुंदरवास (अकबरपुर), जिला अलवर निवासी राजवीर बावरिया (28) कोटपुतली जिले के बनेठी ग्राम में एक खेत की रखवाली कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की रेकी की और घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।


