बारां में रविवार को सवर्ण समाज ने यूजीसी बिल के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में मातृशक्ति, युवा और पुरुष वर्ग ने एक किलोमीटर से अधिक लंबी वाहन रैली निकाली। यह रैली श्रीराम स्टेडियम से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई प्रताप चौक पर समाप्त हुई।
रैली में सवर्ण समाज के सभी घटकों ने भाग लिया। मातृशक्ति ने रैली का नेतृत्व किया, जबकि युवा और पुरुष वर्ग वाहनों के साथ अनुशासित कतारों में आगे बढ़े। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे लहराए, बांहों पर काली पट्टियां बांधीं और यूजीसी बिल के विरोध में लिखी तख्तियां प्रदर्शित कीं। पूरे मार्ग में नारेबाजी भी की गई। प्रताप चौक पर एक सभा आयोजित की गई, जिसे कोटा से आए समता आंदोलन के मुख्य वक्ता डॉ. अनिल शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने यूजीसी बिल को समान अवसरों के संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ बताया। डॉ. शर्मा ने आरोप लगाया कि आरक्षण व्यवस्था वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा बन गई है, जिससे सवर्ण समाज के बच्चों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह कानून मेधा, परिश्रम और योग्यता के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न कर रहा है। समता आंदोलन से जुड़े राजेंद्र गौतम ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “हम सब सवर्ण एक हैं और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक समाज को उसके अधिकार नहीं मिल जाते।”
वक्ताओं ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक प्रयोग का माध्यम बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी बिल वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक तथा संगठित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में ललित मोहन खंडेलवाल, खेमराज सिंह रहलाई, नीरज नयन शर्मा, भानु पोरवाल, मनोज शर्मा, हरीश शर्मा, भगवान शर्मा, हरी ओम अग्रवाल, हितेश खंडेलवाल, राज सक्सेना, राधा शर्मा और किरण भार्गव सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और युवा मौजूद थे।


