राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में लक्ष्मीपुरा बस्ती के सीनियर स्कूल में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। नाटक का मंचन हुआ
सम्मेलन को भागवत आचार्य कैलाश जोशी, महेश्वरानंद गिरी महाराज भेरूगिरी सराय, संरक्षक रमन लाल बोहरा और संयोजक मेघराज कल्ला ने संबोधित किया। इस दौरान देशभक्ति और हिंदुत्व पर आधारित गीत प्रस्तुत किए गए, साथ ही स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र पर आधारित एक नाटक का मंचन भी हुआ। मुख्य वक्ता संग्राम सिंह काला ने अपने संबोधन में कहा कि सभी हिंदुओं को समरसता के साथ जागृत रहकर राष्ट्र के स्वाभिमान और गौरव को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि हिंदू धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है, जिसमें राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च साधना माना गया है। भागवत आचार्य कैलाश जोशी ने कहा कि विदेशी भाषाओं का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन हमारी संस्कृति और जीवन मूल्यों का आधार हिंदुत्व ही होना चाहिए। उन्होंने ऐसे सम्मेलनों को समाज में जागरूकता की मशाल बताया, जो घर-घर संस्कारों का दीप प्रज्ज्वलित कर रहे हैं। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों में बचपन से ही हिंदुत्व के संस्कार और उच्च आदर्शों का रोपण करें। कार्यक्रम की प्रस्तावना अशोक पालीवाल ने प्रस्तुत की। संयोजक मेघराज कल्ला ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश व्यास ने किया, जिन्होंने कविता पाठ भी किया। ये रहे मौजूद
इस अवसर पर सुनील व्यास, संजय, तेज प्रकाश, मनोहर गोयल, सुनील सरवटे, नखतमल, गजेंद्र, खेमराज, जगदीश मेघवाल, प्रभु सिंह, रमेश भील, नारायण, किशन दवे, अमरचंद, सोनू, कमल, अभिषेक व्यास, राजू देवड़ा, किशोर सोनी, भारत जोशी, बंटी, युवराज, अभिषेक, सुनील तंवर, कालू सोनी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


