छात्र नेता की हत्या के मामले में आजीवन कारावास:आरोपी पर 85 हजार का जुर्माना लगाया, 8 साल पुराना मामला

बीकानेर में करीब आठ साल पहले छात्र संघ चुनाव के दौरान युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक युवक को आजीवन कारावास की सजा दी है और 85 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर 26 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। परकोटे के भीतर स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में छात्र संघ चुनाव के दौरान हत्या हुई थी। मामला नयाशहर थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार 19 अगस्त 2016 को छात्र संघ चुनाव के दौरान दाऊदयाल अध्यक्ष पद का दावेदार था। प्रचार के दौरान एक अन्य प्रत्याशी के साथ बोलचाल हो गई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि जान से मारने की धमकी दी थी। दाऊदयाल शाम करीब पौने आठ बजे प्रचार करते हुए जसोलाई तलाई पहुंच गया। यहां जनेश्वर भवन के पास एबीवीपी के ऑफिस पर खड़ा था। इस दौरान बाइक पर चार जने आए। चारों ने मिलकर उसे पकड़ लिया। एक अन्य आरोपी रविकांत ने अपनी जेब से चाकू निकाला और हमला कर दिया। दाऊदयाल चिल्लाया तो अन्य लोगों ने उसे संभाला। गंभीर हालत में टैक्सी में बिठाकर कोठारी अस्पताल ले गए, जहां से पीबीएम अस्पताल भेजा गया। पीबीएम अस्पताल में दाऊदयाल को मृत घोषित कर दिया गया। कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से दलील रखी गई। परिवादी की ओर से एडवोकेट उमाशंकर बिस्सा ने पैरवी की। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक जगदीश सेवग ने पैरवी की। इस दौरान 14 गवाह पेश किए गए। अदालत ने रविकांत को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 85 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। ये राशि दाऊदयाल के माता-पिता को दी जाएगी। इसके लिए जिला विधिक सेवा को सिफारिश की जा रही है। कंटेंट : एडवोकेट जगदीश सेवग, बीकानेर

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *