सीधी आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को जिले के शिक्षकों ने अपनी बरसों से लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की राज्य मंत्री राधा सिंह और सीधी विधायक रीति पाठक से मुलाकात कर उन्हें सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी जायज मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पुरानी पेंशन योजना’ बहाली की मांग शिक्षकों की सबसे प्रमुख मांग ‘पुरानी पेंशन योजना’ (OPS) को बहाल करना है। ज्ञापन में बताया कि अध्यापक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि उन्हें अवकाश के बदले नकद भुगतान (लीव एनकैशमेंट) और अन्य लाभ मिल सकें। इसके साथ ही, शिक्षकों ने दोषपूर्ण ‘ई-अटेंडेंस’ प्रणाली को बंद करने की भी पुरजोर मांग की है। इन 5 बड़ी मांगों पर अड़ा शिक्षक संघ शिक्षकों ने अपनी समस्याओं को लेकर 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है, जिनमें प्रमुख ये हैं: वेतन विसंगति: नवनियुक्त शिक्षकों को उनकी पहली नियुक्ति से ही 100 प्रतिशत वेतन दिया जाए। अतिथि शिक्षक: अतिथि शिक्षकों को नियमित किया जाए और उन्हें मेडिकल व बीमा जैसी सुविधाएं मिलें। कैश लेस इलाज: सभी शिक्षकों के लिए हेल्थ केयर कैशलेस कार्ड योजना लागू हो। विभाग विलय: जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग में शामिल किया जाए। काम का दबाव: रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिन शिक्षकों को ट्रेनिंग या मीटिंग से मुक्त रखा जाए। शिक्षक बोले- नीतिगत उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री और विधायक को बताया कि प्रदेश का शिक्षक संवर्ग लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। गुरुजी संवर्ग को वरिष्ठता देने और राज्य शिक्षा सेवा में संविलियन से छूटे हुए शिक्षकों के क्रमोन्नति आदेश तत्काल जारी करने की जरूरत है। राज्य मंत्री राधा सिंह और विधायक रीति पाठक ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास करेंगी।


