हरदा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने आगामी सेमिस्टर और बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग और सोशल मीडिया पर परीक्षा संबंधी भ्रामक संदेशों के प्रसार पर रोक लगाई गई है। मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के प्रावधानों के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश कल (10 फरवरी) से 10 अप्रैल 2026 तक पूरे हरदा जिले में प्रभावी रहेगा। किसी भी प्रकार के चल समारोहों में तेज गति के ध्वनि विस्तारक यंत्र (डीजे साउंड) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। विशेष समारोहों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल बंद कमरों में और निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा। आवश्यक होने पर, संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी से निर्धारित डेसीबल पर उपयोग के लिए अनुमति लेनी होगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर जैन ने हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत एक और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके अनुसार, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा संबंधी भ्रामक संदेशों का प्रसार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर की परिधि में 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के समूह के एकत्रित होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इस आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 233 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध माना जाएगा और उल्लंघनकारियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।


