जयपुर | नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश में कलस्टर फार्मूला लागू किया गया है। जिसमें खुद के वार्ड या सर्किल से जुड़ी उन दुकानों का भी ठेका लेना होगा जिसके लिए किसी का दावा शामिल नहीं है। इसी कड़ी में प्रदेश में कुल 22 प्रतिशत पुराने शराब कारोबारियों ने ठेका रिन्यू नहीं कराया है। उधर प्रदेश में 11 जिले ऐसे है, जिनमें ये आंकडा़ 75 प्रतिशत से कम है। उधर राजधानी जयपुर शहर में 78.84 प्रतिशत पुरानी शराब की दुकानें रिन्यू हुई है। जयपुर ग्रामीण में ये आंकड़ा 84% को छू गया है। शराबबंदी वाले राज्यों में शामिल गुजरात के निकट वाले राजस्थान के जिलों में शराब कारोबारियों ने सर्वाधिक ठेके रिन्यू कराएं है। बांसवाड़ा, जालौर, में ये आंकड़ा 96% के आसपास है। सिरोही में 87, उदयपुर में 79% ठेकेदारों ने दुकाने रिन्यू करा लिए है। कुल मिलाकर गुजरात से निकट वाले राज्यों को नई आबकारी नीति में अच्छा रेस्पॉन्स मिला है। गुजरात के निकट वाले जिलों में सर्वाधिक ठेके रिन्यू हुए यहां 75% दुकानें भी रिन्यू नहीं श्रीगंगानगर 64.85 करौली : 59.72 झालावाड़ : 67.09 जोधपुर : 69 .54 बीकानेर 68.78 झुंझुनूं: 71 .38 अजमेर : 74.91 भरपतुर: 68.42 बूंदी: 73.02 हनुमानगढ़: 72.42 भीलवाड़ा : 74.82 79% ठेकेदारों ने दुकाने रिन्यू करा लिए है। कुल मिलाकर गुजरात से निकट वाले राज्यों को नई आबकारी नीति में अच्छा रेस्पॉन्स मिला है। है। बांसवाड़ा, जालौर, में ये आंकड़ा 96% के आसपास है।सिरोही में 87, उदयपुर में


