राजस्थान में ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के दायरे में बदलाव किया है। अब 3 हजार से कम आबादी वाली ग्राम पंचायतें बनाई जा सकेगी। सरकार के इस निर्णय से अब राज्य में ग्राम पंचायतों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है।
साथ ही सरकार ने अब ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के पुनर्गठन और सीमांकन की जो समय-सीमा निर्धारित की थी उसे भी बढ़ाया है। सरकार की ओर से 2 अलग-अलग दिन जारी आदेशों के ये निर्णय किए है। 15 फीसदी तक की सीमा का डेविएशन करने की छूट
सरकार के आदेशों के मुताबिक जिन नवनिर्मित या पुनर्सीमांकन वाली ग्राम पंचायत को अगर जनसंख्या के मानदंड के अनुसार तैयार करने में परेशानी आ रही तो ऐसी परिस्थिति में निर्धारित जनसंख्या से 15 फीसदी तक कम जनसंख्या वाली ग्राम पंचायत का भी प्रस्ताव तैयार करके भिजवाया जा सकता है। 10 जनवरी को जारी हुआ था नोटिफिकेशन
इससे पहले राज्य सरकार ने जब 10 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किया था, तब नवनिर्मित, पुनर्गठित या पुनर्सीमांकन वाली ग्राम पंचायत में जनसंख्या 3000 से 5500 तक निर्धारित की थी। वहीं सहरिया क्षेत्र (शाहबाद और किशनगंज) तथा 4 मरूस्थलीय जिलों बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में ग्राम पंचायतों में जनसंख्या न्यूनतम 2 हजार और अधिकतम 4 हजार निर्धारित की थी। सीमांकन करने की समयावधि बढ़ाई
राज्य सरकार ने एक अन्य आदेश जारी करके प्रदेश में ग्राम पंचायत और पंचायत समितियों के सीमांकन (नव सृजन, पुनर्गठन) करने की समय-सीमा को बढ़ाया है। पुराने आदेशों में जिला कलेक्टर्स को सीमांकन का प्रस्ताव तैयार करने के लिए 20 जनवरी से 18 फरवरी तक का समय दिया था, जिसे बढ़ाकर अब 25 मार्च तक कर दिया है। इसी तरह तैयार प्रस्तावों को प्रकाशित कर उन पर आपत्तियों को मांगने का समय अब 26 मार्च से 25 अप्रैल और आपत्तियों का निस्तारण समय 26 अप्रैल से 5 मई के बीच करने की समय-सीमा निर्धारित की है। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद राज्य सरकार को फाइनल प्रस्ताव भिजवाने के लिए 15 मई तक और राज्य सरकार के स्तर पर उन प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए 30 मई तक की समय-सीमा निर्धारित की है। यह खबर भी पढ़े… ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को नहीं हटा पाएंगे कलेक्टर:सरकार से अनुमति लेनी होगी, उप सरपंच का पद खाली होने पर वार्ड पंच बनेगा प्रशासक राज्य सरकार ने कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम पंचायतों में लगाए जाने वाले प्रशासकों को लेकर नया फरमान जारी किया है। नए आदेश के मुताबिक जिला कलेक्टर्स उनके क्षेत्राधिकार में आने वाली ग्राम पंचायतों में प्रशासक तो नियुक्त कर सकेंगे, लेकिन उनको हटाने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी। (पढ़ें पूरी खबर)


