लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह इस बार राज्य के नगर निकाय चुनावों में भी बड़े राजनेताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। भले ही यह चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अप्रत्यक्ष रूप से पूरी ताकत झोंक दी है। इसी वजह से यह चुनाव अब साधारण नहीं रह गया है। दलों के नेता समर्थित उम्मीदवार के लिए खुलकर प्रचार प्रसार में मैदान में उतर चुके हैं। महापौर पद के लिए चुनाव लड़ रहे अभ्यर्थी अविनाश कुमार द्वारा भगवती कॉलोनी चास में स्थापित चुनावी कार्यालय का उद्घाटन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय सेठ की ओर से पिछले दिनों किया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के चास आगमन, कार्यक्रम में शामिल होने तथा वापसी के दौरान हुए व्यय को संबंधित अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा। वहीं जेएमएम व कांग्रेस के नेता भी प्रचार प्रसार कर रहे हैं। ऐसे में उनका खर्च भी संबंधित प्रत्याशियों के व्यय में जोड़ा जाना चाहिए। हाल में ही कांग्रेस, बीजेपी, जेएमएम के नेता बैठक कर रहे और घूम रहे हैं। इस संबंध में निर्वाची पदाधिकारी सह एसडीओ ने कहा इस प्रकार की जानकारी मिलने पर सारे खर्च प्रत्याशी के व्यय में जोड़ा जाएगा। इसको लेकर चुनाव आयोग की टीम लगातार निगरानी रख रही है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से गठित टीम लगातार ऐसे ही मामलों पर निगरानी रख रही है। साथ ही सोशल मीडिया टीम भी लगी हुई है। डीसी का सुझाव राजनीतिक दलों के नाम नहीं लिखे मीडिया जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी अजय नाथ झा ने मीडिया को निकाय चुनाव के दौरान पार्टी का नाम लिखने से मना किया है। वहीं पार्टी अपने समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में खुले आम प्रचार प्रसार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में पार्टी का नाम मीडिया क्यों नहीं लिखे। डीसी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मीडिया के सभी प्रतिनिधियों को परामर्श दिया जाता है कि प्रत्याशियों से संबंधित समाचारों के प्रकाशन अथवा प्रसारण के दौरान राजनीतिक दलों के नामों का उल्लेख करने से परहेज करें। यह परामर्श राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। मीडिया से अपेक्षा की जाती है कि वे निष्पक्ष, संतुलित एवं तथ्यपरक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें, जिससे आदर्श आचार संहिता का पूर्णतः पालन हो सके। अगर नाम से आचार संहिता का उल्लंघन होता है तो अब तक प्रचार प्रसार करने वाले नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
पार्टी से जुड़े सामग्री का उपयोग नहीं कर सकते पिछले दिनों कांग्रेस की हुई बैठक में शामिल प्रदेश व जिलाध्यक्ष के अलावा प्रत्याशी।


