आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में रविवार को नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। जो सुबह 9 से 11 बजे तक चलेगा। विश्व कल्याण की कामना के साथ यज्ञ में आहुतियां प्रदान की जाएगी। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में होने वाले महायज्ञ को गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के विद्वानों की टोली संपन्न कराएगी। गायत्री महायज्ञ में कोई भी भक्त शामिल हो सकता है। सबसे पहले गोविंद देवजी, वेदमाता गायत्री और गुरु सत्ता का सोडशोपचार पूजन कर अग्नि प्रज्वलन कर यज्ञ में आहुतियां दी जाएगी। महायज्ञ गायत्री एवं महामृत्युंजय मंत्र के अलावा सूर्य, रूद्र, शिव, नवग्रह मंत्रों से भी आहुतियां प्रदान की जाएगी। वहीं जिन श्रद्धालुओं का रविवार को जन्मदिन और विवाह की सालगिरह है, उनके उज्जवल भविष्य के लिए भी विशेष आहुतियां प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही महाकुंभ में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों की आत्मशांति के लिए यम गायत्री मंत्र से विशेष आहुतियां दी जाएगी। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ सूर्य गायत्री मंत्र से आहुतियां देंगे। लगाई जाएगी आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी की प्रदर्शनी इस बार का यज्ञ विशेष रहेगा, जिसमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल होगी। उनके गर्भस्थ शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए विशिष्ट मंत्रों से खीर से विशेष आहुतियां प्रदान की जाएगी। तीन से पांच माह की गर्भवती महिलाएं यज्ञ में शामिल हो सकती है। उनका गर्भोत्सव संस्कार कराया जाएगा। यह पूरी तरह नि:शुल्क होगा। इस मौके पर आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी अभियान की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। हरिद्वार से मंगवाई गई हवन की विशेष सामग्री हवन के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार से विशेष हवन सामग्री मंगवाई गई है जिसमें आम की लकड़ी, कपूर, घी, तिल अक्षत, पंचमेवा, जटा वाला नारियल, गोला, जौ, गूलर की छाल, चंदन की लकड़ी, अश्वगंधा, मुलेठी की जड़, सुपारी सहित चालीस से अधिक जड़ी बूटियां हैं। इस मौके पर प्रेरणादायी पुस्तकों की स्टॉल भी लगाई जाएगी।


