भास्कर न्यूज | राउरकेला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला और सर्वे ऑफ इंडिया (ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ जियो‑स्पेशियल निदेशालय) के बीच 11 फरवरी 2026 को भू‑स्थानिक विज्ञान, मैपिंग तकनीक और उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोग राष्ट्रीय भू‑स्थानिक नीति 2022 के अनुरूप संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक कार्यक्रमों और तकनीकी सहयोग को मजबूत करेगा। एमओयू पर हस्ताक्षर एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव और निदेशालय की निदेशक स्वर्णिमा बाजपेयी ने किए। इस पहल का समन्वय प्रो. किशनजीत कुमार खटुआ और सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। प्रो. राव ने इस समझौते को राष्ट्रीय महत्व का कदम बताते हुए कहा कि इससे डिजिटल मैपिंग, जलवायु सहनशीलता, आपदा प्रबंधन और सतत अवसंरचना विकास को नई दिशा मिलेगी। वहीं, स्वर्णिमा बाजपेयी ने इसे शैक्षणिक उत्कृष्टता और व्यावहारिक क्रियान्वयन के समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।


