जालंधर| हंस राज महिला महाविद्यालय में आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जन्म जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण एवं हवन यज्ञ से हुई, जिसमें समाज की सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए आहुतियां अर्पित की गईं। इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला ने छात्राओं को संबोधित करते हुए महर्षि दयानंद के ‘वेदों की ओर लौटो’ के संदेश को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि महर्षि जी ने नारी शिक्षा का समर्थन किया और जातिगत भेदभाव का खंडन कर समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने छात्राओं को सत्य, धर्म और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। वैदिक अध्ययन विभाग की डीन डॉ. ममता और संस्कृत विभाग की अध्यक्षा डॉ. मीनू तलवार ने भी स्वामी जी के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डीन एकेडमिक्स डॉ. सीमा मरवाहा, अधीक्षक रवि मैनी, पंकज ज्योति सहित कॉलेज का समस्त शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा।


