प्रदेश में नई बनी नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में भी भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज की है। प्रदेश में 34 निकाय ऐसे हैं जहां पहली बार नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव हुए हैं। इसमें 11 नगर पालिकाएं और 23 नगर पंचायतें हैं। इन निकायों में से 65 फीसदी निकायों में भाजपा ने जबकि 21 फीसदी निकायों में कांग्रेस को जीत मिली है। दरअसल, प्रदेश सरकार ने कई नगर पंचायतों को नगर पालिका में परिवर्तित कर दिया जबकि कई नई नगर पंचायतें अस्तित्व में आईं हैं। बता दें कि प्रदेश की 11 नई नगर पालिकाओं में से 6 में भाजपा और 2 में कांग्रेस जीती है। जबकि 23 नगर पंचायतों में से 16 में भाजपा और 5 में कांग्रेस जीती है। दूसरी तरफ, 2 नगर पालिकाओं पेंड्रा और सिमगा के अलावा 1 नगर पंचायत नरियरा (जांजगीर-चांपा) में निर्दलीय जीतने में सफल रहे हैं। एक- एक निकाय में आप और बसपा ने भी खोला खाता
नई बनी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में जीत दर्ज कर आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी अपना खाता खोल लिया है। बिलासपुर जिले की बोदरी नगर पालिका में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। वहीं, जांजगीर- चांपा जिले के पामगढ़ नगर पंचायत में बसपा प्रत्याशी को जीत मिली है। इन निकायों में भाजपा जीती नगर पालिका: गौरेला, लोरमी, बांकी मोगरा, रामानुजगंज, अमलेश्वर और पंडरिया। {नगर पंचायत: बरेला, जरहागांव, सरसींवा, पवनी, पटना, जनकपुर, समोदा, चंद्रखुरी, कोपरा, लवन, दाढ़ी, भिंभौरी, डोंगरगांव, छुरिया, लाल बहादुर नगर और इंदौरी। इन निकायों में कांग्रेस जीती
नगर पालिका: मंदिर हसौद, अभनपुर। {नगर पंचायत: मरवाही, देवभोग, पलारी, रोहांसी और कुसमी। यहां आप, बसपा व निर्दलीय जीते
निर्दलीय : पेंड्रा और सिमगा नगर पालिका। नरियरा नगर पंचायत।
बसपा : पामगढ़ नगर पंचायत। {आप: बोदरी नगर पालिका।


