जोधपुर में कार्यरत पीडब्ल्यूडी एक्सईएन दीपक कुमार मित्तल के बारे में एसीबी की इंटेलिजेंस विंग को इनपुट मिला कि वह खुलेआम रिश्वत ले रहा है। एसीबी की टीमों ने पूरी जांच और सर्च कार्रवाई के लिए ऑपरेशन का नाम भी बेफिक्र रखा। एसीबी डेढ़ माह से एक्सईएन मित्तल का पीछा कर रही थी। एएसपी हिमांशु कुलदीप की टीम ने अवैध संपत्तियों की जानकारी जुटाई, जिनमें अलग-अलग शहरों में खरीदे गए प्लॉट और कई बैंक खातों के किए गए संदिग्ध ट्रांजेक्शन चिह्नित किए। इसी आधार शनिवार को एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया और रात को ही कोर्ट से सर्च वॉरंट लिया। टीमें तैयार की और तड़के सर्च शुरू कर दी। शुक्रवार को एक्सईएन जोधपुर से जयपुर पहुंचा था। वो एसीबी के रडार पर थे, रविवार तड़के जांच अधिकारी अभिषेक पारीक टीम लेकर बरकत नगर स्थित घर पहुंचे, जहां दरवाजा खुलवाया तो मित्तल और उनकी पत्नी मिले। एसीबी जांच में सामने आया कि एक्सईएन मित्तल का ज्यादातर निवेश जमीन और म्यूचुअल फंड में कर रखा था। प्लॉट भाई और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से खरीदे पाए गए मगर पावर ऑफ अटॉर्नी खुद के नाम थी। म्यूचुअल फंड में बड़ा निवेश मिला। दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जिस शहर में पोस्टिंग, दीपक ने वहीं घूस की लौ जलाई दीपक के 2 मोबाइल उगलेंगे घूस के राज
एसीबी को मित्तल के पास मिले तीन बैंक लॉकर में काफी चीजें मिलने की आशंका है। सोमवार को बैंक लॉकर की जांच करवाई जाएगी। एसीबी ने मित्तल के दो मोबाइल भी जब्त किए है। जिनकी एफएसएल से जांच करवाई जाएगी।


