भास्कर न्यूज | रायगड़ा जिले के बासिंगी पंचायत अंतर्गत धुमागुड़ा बस स्टॉप के पास शुक्रवार को सुबह एक माओवादी पोस्टर मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। यह पोस्टर कथित तौर पर सीपीआई (माओवादी) द्वारा लगाया गया है, जिसमें संगठन के पूर्व बड़े नेताओं के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया गया है। इस पोस्टर में माओवादियों ने अपने ही पूर्व साथियों (सब्यसाची पांडा, आजाद, उदय और निखुल) पर निशाना साधा है। पोस्टर में लिखा है कि ये लोग कभी असली आदिवासी नहीं थे और इन्होंने आदिवासियों को जाल में फंसाकर उन पर अत्याचार किया। इसके साथ ही आदित्य बिड़ला कंपनी पर क्षेत्र के लोगों के शोषण का आरोप लगाते हुए उसका विरोध करने की बात भी लिखी गई है। सूचना मिलते ही सीआरएपीएफ के जवानों ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। इलाके में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में बल तैनात कर दिया गया है और जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि पोस्टर लगाने वालों का सुराग मिल सके। जानकारों का मानना है कि यह पोस्टर माओवादियों के आपसी विवाद और गुटबाजी का नतीजा हो सकता है। फिलहाल इलाके में शांति है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।


