वृंदावन में विरोध के चलते बंद हुई संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा आज रात से फिर शुरू हो सकती है। 4 फरवरी को सोसाइटी के लोगों के विरोध के बाद महाराज ने यात्रा स्थगित कर दी थी। इसके बाद NRI ग्रीन सोसाइटी के लोग कल (रविवार) प्रेमानंद महाराज से माफी मांगने पहुंचे। सोसाइटी के लोगों ने प्रार्थना की कि महाराज उसी रास्ते से दोबारा पदयात्रा शुरू कीजिए। इस पर महाराज ने आश्वासन दिया कि सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात 2 बजे से उसी रास्ते से पदयात्रा शुरू करेंगे। प्रेमानंद महाराज बोले- हम चुनरी ओढ़ाकर सभी का स्वागत करेंगे
NRI ग्रीन सोसाइटी के अध्यक्ष आशु शर्मा रविवार को केली कुंज आश्रम पहुंचे। संत प्रेमानंद से मुलाकात की। हाथ जोड़कर माफी मांगी। कहा- सोसाइटी के लोग पश्चाताप कर रहे हैं। आपसे मिलना चाहते हैं, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। इस पर महाराज ने कहा- उन्हें बोलिए आएं। हम चुनरी ओढ़ाकर सबका स्वागत करेंगे। पढ़िए सोसाइटी के लोगों की प्रार्थना और प्रेमानंद महाराज का जवाब… सोसाइटी वाले बोले- आपकी पदयात्रा से हमें सुख मिलता है
NRI ग्रीन सोसाइटी के लोगों ने प्रेमानंद महाराज से कहा- महाराज जी आप पहले सुबह 2 बजे जो पदयात्रा करते थे। उससे भक्तों को बहुत सुख मिलता था। सारे ब्रजवासियों को बहुत सुख मिलता था। मेरी प्रार्थना है कि आप दोबारा उसी रास्ते से पदयात्रा करिए। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा- हमारा काम है, सबको सुख देना। किसी को दुख देना नहीं है। आप देखो, लाखों लोग बाहर के आते हैं। कोई कीर्तन कर रहा है, कोई नाच रहा है। हमें तो लगता है कि यह धाम के लिए महा-उत्सव है। लेकिन, अगर किसी को दुख लगे तो हम सब बंद कर सकते हैं। हम दुख देने के लिए नहीं…हम सबको सुख देने हैं। ब्रजवासी तो हमारे आराध्य देव हैं। वो हमें गाली दें, तो भी हम सिर झुका के उनके सामने रहेंगे। हमने कल भी सोसाइटी के अध्यक्ष से कहा था कि आप सब आओ। हम दुपट्टा-चुनरी ओढ़ाकर स्वागत करेंगे। सोसाइटी के लोग बोले- प्रेमानंद महाराज हमारे ब्रज की धरोहर हैं
सोसाइटी के लोगों ने कहा- NRI ग्रीन के बगल में मेरे घर हैं। दोनों टाइम हम सब दर्शन करते हैं। प्रेमानंद महाराज हमारे ब्रज की धरोहर हैं। संकीर्तन की नगरी में महाराज जी कीर्तन नहीं होगा, तो कहां होगा। जो विरोध कर रहे हैं, वो ब्रजवासी नहीं हो सकते। हमारी आपसे प्रार्थना है कि उसी रास्ते से पदयात्रा शुरू कीजिए। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा- ठीक है…कल रात 2 बजे अपने गेट से निकल पड़ेंगे…उसी रास्ते पर। इस पर ग्रीन सोसाइटी के लोगों ने राधा-रानी की जय… श्री वृंदावन धाम की जय जयकार लगाई। इसके बाद प्रेमानंद महाराज ने दुपट्टा और चुनरी पहनाकर सभी लोगों का स्वागत किया। सोसाइटी के अध्यक्ष ने कहा था- यूट्यूबर्स ने जान-बूझकर उकसाया था
आशु शर्मा ने कहा- ब्रजवासी आपके प्रति मन में एक प्रतिशत भी विद्वेष नहीं रखते। कुछ यूट्यूबर्स ने जान-बूझकर NRI ग्रीन सोसाइटी के लोगों को आपके खिलाफ बयान देने के लिए उकसाया था। सोसाइटी के लोग शर्मिंदा हैं, उन्हें अपनी गलती के लिए पश्चाताप है। 4 फरवरी को NRI ग्रीन सोसाइटी के लोगों ने विरोध किया था संत प्रेमानंद महाराज की रात में होने वाली पदयात्रा के दौरान बजने वाले ढोल और आतिशबाजी का 4 फरवरी को NRI ग्रीन सोसाइटी वालों ने विरोध किया था। सोसाइटी की महिलाओं का कहना था कि रात 2 बजे शोर होने से हमारे बच्चे सो नहीं पाते। इससे बच्चे देर से उठते हैं। इस वजह से उन्हें स्कूल जाने में लेट हो जाता है। इसके बाद प्रेमानंद महाराज ने पदयात्रा बंद कर दी थी। वह कार से रमणरेती जाते हैं, फिर 100 मीटर की पैदल यात्रा करके आश्रम पहुंचते हैं। विरोध से पहले और बाद की महाराज की पदयात्रा का रूट जानिए प्रेमानंद महाराज श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी में रहते हैं। विरोध के बाद वह कार में बैठकर प्रेम मंदिर के सामने से रमण रेती पुलिस चौकी होते हुए केली कुंज आश्रम पहुंचते हैं। इस रूट से केली कुंज आश्रम की दूरी करीब आधा किलोमीटर बढ़ गई है। पहले वह रात 2 बजे सोसाइटी से रमणरेती स्थित आश्रम हित राधा केली कुंज के लिए निकलते थे। 2 किमी की यह दूरी वह पैदल चलकर पूरी करते थे। रात में जब संत प्रेमानंद महाराज आश्रम के लिए निकलते थे, तब उनके अनुयायी रास्ते भर फूलों से रंगोली बनाते थे। निवास से लेकर आश्रम तक का रास्ता फूलों से पट जाता था। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं हर कोई एक झलक पाने को उनका इंतजार करता था। जगह-जगह उनकी आरती उतारी जाती थी। फूल दुकानदारों का कारोबार चौपट हो गया था
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा जिस ओर से गुजरती थी, भक्त रास्ते को फूलों से सजा देते थे। इससे वहां फूल बेचने वालों का अच्छा कारोबार चलता था। लेकिन, इसी बीच पदयात्रा स्थगित कर दी तो दुकानदारों का कारोबार चौपट हो गया। फूल की दुकान लगाने वाले अनिल ने कहा- अब प्रेमानंदजी गाड़ी पर जाते हैं, कोई रुकता नहीं। इसलिए लोग अब फूल नहीं खरीदते। कोई आता भी नहीं। सब उनको ही तो देखने आते थे, लेकिन हम अभी भी दुकान लगा रहे हैं। रोज आते हैं 20 हजार से ज्यादा भक्त
प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए रात को हजारों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं। आम दिनों में यह संख्या 20 हजार के करीब होती है। वीकेंड पर दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है और लाखों में पहुंच जाती है। वहीं, बड़े पर्वों पर 3 लाख से ज्यादा हो जाती है। —————— यह खबर भी पढ़ें ब्रजवासी बोले- प्रेमानंद महाराज नहीं, शोर-शराबे का विरोध; धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जोशीले सनातनी, संभलकर बयान दें वृंदावन में विरोध के चलते संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा स्थगित हो गई। अब वह कार से आश्रम जाते हैं। विरोध करने वालों के खिलाफ कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का बयान सामने आया। उन्होंने कहा- देवियों साधु के भजन में रोक लगाओगी, तुम इंसान तो हो ही नहीं सकती। ऐसे लोगों को वृंदावन छोड़कर दिल्ली चले जाना चाहिए। तो क्या वाकई ब्रज के लोग धीरेंद्र शास्त्री से नाराज है? क्या प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा का विरोध हो रहा है? इन सवालों के साथ दैनिक भास्कर डिजिटल ऐप की टीम ने ब्रज के लोगों से बात की। यहां पढ़ें पूरी खबर


