ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की मप्र इकाई के सम्मेलन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महापौरों को टैक्स लगाने की सलाह दी है। विजयवर्गीय ने कहा- नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनना होगा। हम टैक्स नहीं बढ़ाते, महंगे पानी को सस्ता देते हैं। आरक्षण के कारण आपको फिर से मौका नहीं मिलेगा, तो क्यों डरते हो? टैक्स लगाइए, थोड़ा साहस दिखाइए। सरकार डिसेंट्रलाइज करने में थोड़ा संकोच करती है लेकिन मैं नहीं। आप बताइएगा। अगर काम करने में कोई अवरोध आ रहा हो तो मैं मुख्यमंत्री जी से निवेदन करूंगा कि आपको ज्यादा अधिकार मिले। उन्होंने कहा, जब मैं महापौर था तो मैंने 5 साल में दो बार टैक्स बढ़ाया। आज इंदौर का बजट सबसे ज्यादा है, क्योंकि वर्ष 2000 में हमने मजबूत आर्थिक आधार बनाया था, जिसे अब मेयर पुष्यमित्र भार्गव आगे बढ़ा रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े। उन्होंने कहा, निकायों को अपने पैरों पर खड़ा होना होगा। प्रदेश के सभी नगर निगमों में ट्रिपल इंजन की सरकार है। फिर भी निकायों को खुद की आय बढ़ानी होगी।’ सम्मेलन में विजयवर्गीय ने कहा कि अगर हम निकायों की जांच करेंगे तो कई लोग कठघरे में खड़े हो जाएंगे। इस पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के महापौरों ने आपत्ति ली। रीवा में कांग्रेस मेयर अजय मिश्रा व सिंगरौली में आप की मेयर रानी अग्रवाल ने कहा, जब प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है, तो सभी नगरीय निकायों की जांच कराने से किसने रोका है? प्रदेश की सभी नगरीय निकायों की जांच होनी चाहिए।


