सब कुछ सही रहा तो इस बार लुधियाना वासियों को बिजली कटों से बड़ी राहत मिलेंगी। गर्मियों में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने शहर में बिजली फॉल्ट कम करने के लिए 100 करोड़ रुपए से अधिक की बड़ी योजना तैयार की है। चालू वित्त वर्ष के दौरान लागू होने वाली आउटेज रिडक्शन प्लान (ओआरपी) योजना के तहत वितरण नेटवर्क मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार सूबे के सबसे बड़े औद्योगिक सेंटर में शहरी बिजली लोड सबसे अधिक रहता है। खासकर गर्मियों के पीक सीजन में ट्रांसफॉर्मर फेल होने और फीडर में खराबी आने से लंबी बिजली कटौती देखने को मिलती है। इससे आम उपभोक्ताओं समेत उद्योगों को भी उत्पादन लॉस भी होता है। मॉडल टाउन, जमालपुर, दाना मंडी, जस्सियां क्षेत्र प्रस्तावित पीएसपीसीएल ने शहर में 10 नए 66 केवी सबस्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा है। लुधियाना ईस्ट सर्किल में सेक्टर-32 जमालपुर और फोकल प्वाइंट फेज-4 में नए सबस्टेशन बनाए जाएंगे। सुंदर नगर डिवीजन के तहत दाना मंडी में 66 केवी सबस्टेशन प्रस्तावित है, जो व्यावसायिक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को नियमित सप्लाई देगा। लुधियाना वेस्ट में मॉडल टाउन डिवीजन के अंतर्गत एसबीएस नगर में एक सबस्टेशन बनाया जाएगा। वहीं अगर नगर डिवीजन में जस्सियां और अयाली जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में भी नए सबस्टेशन प्रस्तावित हैं। एस्टेट डिवीजन के तहत जसपाल बांगड़ क्षेत्र में भी 66 केवी सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिससे शहरी और आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति मजबूत होगी। मई, जुलाई, दिसंबर में सबसे अधिक इंफ्रा होगा अपडेट पीएसपीसीएल के मुताबिक पूरी योजना पर 100.71 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत मुख्य रूप से फीडर बाइफरकेशन (ओवरलोड लाइनों को अलग-अलग करना), नए ट्रांसफॉर्मर लगाना और मौजूदा ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाना शामिल है। पीएसपीसीएल की योजना के अनुसार शहर में 90 से अधिक स्थानों पर फीडर बाइफरकेशन के कार्य किए जाएंगे, जबकि 27 कार्य ग्रामीण और आसपास के इलाकों में होंगे। इस प्रक्रिया में ओवरलोड बिजली लाइनों पर से लोड घटाया जाएगा। इससे वोल्टेज स्थिर रहेगा और ट्रिपिंग की समस्या कम होगी। योजना का सबसे बड़ा हिस्सा ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने से जुड़ा है। लुधियाना शहर में करीब 700 और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 100 ट्रांसफॉर्मरों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय जोन में भी अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। बोर्ड मई, जुलाई, दिसंबर और मार्च में सबसे अधिक इंफ्रा अपडेट करेगा। दिसंबर में 17.32 करोड़ जबकि मार्च में 11.96 करोड़ रुपए के कार्यों का लक्ष्य है।


