पश्चिम विधानसभा सीट पर एक बार फिर जल्द राजनीतिक घमासान देखने को मिलेगा। पुलिस प्रशासन की ओर से इस सीट पर उपचुनाव को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अगर मार्च में चुनाव होते हैं तो 233722 वोटर मतदान करेंगे। वहीं अप्रैल में चुनाव हुआ तो नई अपडेट वोटर लिस्ट से चुनाव होंगे। लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक गुरप्रीत की 10 जनवरी की रात को गोली लगने से मौत हो गई थी। इस सीट के खाली होने के बाद सरकार ने उपचुनाव के लिए रिपोर्ट बनाकर इलेक्शन कमीशन को भेजी थी। स्टेट इलेक्शन कमीशन के आदेश के बाद प्रशासन की ओर से ईवीएम की चेकिंग आदि प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है। नगर निगम चुनाव ड्यूटी में लगे पोलिंग स्टाफ को भी चुनाव के बाबत अलर्ट रहने को निर्देशित किया गया है। पुलिस विभाग की ओर से इलेक्शन कमीशन से पुलिस फोर्स की डिमांड की जाएगी ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। तहसीलदार बरजिंदर सिंह ने बताया कि इलेक्शन कमीशन की ओर से चुनाव को लेकर डेट घोषित की जानी है। स्थानीय स्तर पर सभी तैयारियां पूर्ण हैं। मतदान के लिए 192 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सात जनवरी तक की वोटर लिस्ट तैयार है जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या 2,33,722 है। इसमें 1,25,981 पुरुष और 1,07,708 महिला मतदाता हैं। 26 थर्ड जेंडर हैं। कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी वेस्ट सीट लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी। 1977 से 2017 तक के चुनावों में कांग्रेस इस सीट पर छह बार विजय रही है। 2017 के चुनाव में कांग्रेस के भारत भूषण आशू ने आप प्रत्याशी अहबाब ग्रेवाल को 36,521 वोटों से हराया था। आशू ने 66,627 वोट हासिल किए थे जबकि आप प्रत्याशी अहबाब ग्रेवाल को 30,106 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर भाजपा के कमल चेटली रहे जिनको 22,620 वोट मिले थे। 2022 मंें विस चुनाव में आप विधायक गुरप्रीत गोगी बस्सी ने कांग्रेस प्रत्याशी भारतभूषण आशू को 7512 वोटों से हराया था। आप व कांग्रेस एक्टिव, भाजपा, शिअद जोर लगा रहे सक्रियता बता रहे हैं। अगर वह चुनाव नहीं लड़ते हैं तो उनकी प|ी ममता आशू भी चुनावी मैदान में उतर सकती हैं। इस सीट पर आप से टिकट की रेस में सबसे आगे पूर्व विधायक स्व. गुरप्रीत गोगी की प|ी डॉ. सुखचैन बस्सी हैं जो पार्षद भी रह चुकी हैं। वह एक महीने से जनता से संवाद और मीटिंग कर सक्रिय हैं। डॉ. सुखचैन बस्सी का कहना है कि अगर पार्टी टिकट देगी तो वह चुनाव लड़ेंगी और बाकी पार्टी का फैसला सर्वोपरि होगा। इस तरह से शहर के कारोबारी कमल चेटली भी चुनावी ताल ठोक सकते हैं लेकिन वह किसी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे, यह अभी साफ नहीं हो सका है। भाजपा भी वेस्ट सीट पर पूरे दमखम से चुनाव लड़ेगी। भाजपा से एडवोकेट विक्रम सिद्धू व विपन सूद काका के नाम की चर्चा है। शिरोमणि अकाली दल से कौन चुनाव लड़ेगा, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है। चर्चा है कि अकाली नेता महेशइंदर अग्रवाल के बेटे चुनाव लड़ सकते हैं। वेस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर आप, कांग्रेस एक्टिव हो चुकी है जबकि भाजपा और शिअद भी जोर लगा रहे हैं। इस सीट पर मुकाबला रोमांचक होना तय है क्योंकि दिल्ली में विधानसभा चुनाव में हार के बाद आप इस इलेक्शन को जीतने के लिए पूरी ताकत से उतरेगी जबकि कांग्रेस भी लोकसभा चुनाव में मिले वोट के बाद गदगद है।


