हंसपुर पंचायत में अवैध खनन की जांच के दौरान घटना:एसडीएम ने तीन दोस्तों के साथ ग्रामीणों को पीटा, बुजुर्ग की मौत; चारों गिरफ्तार

बलरामपुर जिले के कुसमी हंसपुर पंचायत में रविवार रात अवैध बॉक्साइट खनन की जांच करने पहुंचे एसडीएम करुण कुमार डहरिया और उनके तीन दोस्तों पर ग्रामीणों के साथ मारपीट का आरोप लगा है। इस पिटाई में घायल 60 वर्षीय रामनरेश राम की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण घायल हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और विरोध में चक्काजाम किया गया। पुलिस ने रात 2 बजे कार्रवाई करते हुए एसडीएम डहरिया और उनके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गांव, थाना और अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। हालात बिगड़ने पर नायब तहसीलदार पारस शर्मा भी राजस्व अमले के साथ गांव पहुंचे। दूसरी ओर, बॉक्साइट खनन से जुड़े लोग फरार बताए जा रहे हैं, जिसमें उपसरपंच भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक एसडीएम को हंसपुर के बैरपाट में अवैध बॉक्साइट खनन और ट्रक में लोडिंग की सूचना मिली थी। रविवार रात करीब 8-9 बजे वे निजी वाहन से तीन साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने पहले ही बॉक्साइट से भरा ट्रक पकड़ लिया था, जिससे माहौल तनावपूर्ण था। एसडीएम के पहुंचने के बाद विवाद बढ़ गया। घायलों अजीत उरांव और आकाश अगरिया का आरोप है कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर लौट रहे थे, तभी सरना स्थल के पास एसडीएम और उनके साथियों ने रोककर पूछताछ की और मारपीट शुरू कर दी। उनके साथ रामनरेश राम भी थे, जिनके सिर में गंभीर चोट आई। आरोप है कि तीनों को जबरन वाहन में बैठाकर कुसमी ले जाया जा रहा था। रास्ते में रामनरेश की हालत बिगड़ी और वे बेहोश हो गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रशासनिक सहयोग अवैध बॉक्साइट खनन का आरोप:पूरा विवाद बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है। अवैध एक्साइट का परिवहन करा कर मोटी कमाई की जा रही है। यह बॉक्साइट झारखंड भेजा जा रहा है। इस अवैध कारोबार में सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ पदाधिकारी शामिल हैं, प्रशासनिक सहयोग से यह काम चल रहा था जबकि ग्रामीण विरोध में थे। गरियाबंद जनपद सीईओ थे करुण, तब घूस लेते पकड़ाए कुसमी में ग्रामीणों के साथ मारपीट करने वाले एसडीएम करुण डहरिया शुरू से ही विवादों में रहे हैं। साल 2022 में जब वे गरियाबंद में जनपद सीईओ के पद पर तैनात थे, तब एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें उनके दफ्तर में ही 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा था। वर्ष 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के इस अधिकारी की छवि एक विवादित अफसर के रूप में रही है। इस घटना के सामने आने के बाद उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक क्रियाकलाप पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एफआईआर दर्ज, चार आरोपी गिरफ्तार
एसपी वैभव बैंकर के अनुसार पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसडीएम करुण कुमार डहरिया, विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 115(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रशासनिक आतंकवाद का शिकार बने ग्रामीण
भाजपा के सुशासन में चल रहे ‘प्रशासनिक आतंकवाद’’ ने एक बार फिर मासूम ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया। सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है। चंद दिनों पहले ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन में लगे ट्रक को पकड़ा था। इसका परिणाम अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
-भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री जांच से पहले निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं
बलरामपुर की घटना की सरकार पूरी संवेदनशीलता से जांच करा रही है। कांग्रेस इस मामले में ओछी राजनीति कर रही है। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं। तथ्य सामने आने के बाद स्थिति साफ होगी।
-संतोष पाण्डेय,प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता

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