प्रदेश में घटिया सड़क निर्माण के मामले में 8 इंजीनियरों पर कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग ने 4 फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई इसी माह सात चीफ इंजीनियरों के क्षेत्र में कराए गए औचक निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। तीन कार्यपालन यंत्री, एक संभागीय प्रबंधक और चार एसडीओ, सब इंजीनियर के निलंबन की यह कार्यवाही 35 स्थानों पर जांच के बाद की गई है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों में क्वालिटी इम्प्रूवमेंट के लिए औचक निरीक्षण की पहल की है। इसके अंतर्गत हर माह की 5 तारीख और 20 तारीख को सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके से चुनी गई टीमों द्वारा जिलों में जाकर निर्माण कार्यों और सामग्री के सैंपल लेने की व्यवस्था तय की गई है। विभाग के सातों परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता के सात दलों द्वारा सात जिलो में औचक इंस्पेक्शन किया गया। इसमें कुल 35 कार्यों को रैंडम आधार पर चेक किया गया। इंस्पेक्शन वाले सबसे अधिक काम सड़क और पुल संबंधी निरीक्षण के दौरान 35 कार्यों में से 14 कार्य पीडब्ल्यूडी के सड़क और पुल से संबंधित थे। जबकि 12 कार्य पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई), 6 कार्य एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, एक काम म.प्र. भवन विकास निगम एवं 2 कार्य पीडब्ल्यूडी (एनएच) के शामिल किए गए। एक-एक जिले में मुख्य अभियंताओं की टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद प्रबंध संचालक रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक की गई। सात जिलों के 35 निर्माण कार्यों की रिपोर्ट पेश कर सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया। इन कार्यपालन यंत्री को नोटिस, एसडीओ-सब इंजीनियर सस्पेंड सात फरवरी को इनके विरुद्ध हुई थी कार्रवाई


