राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर राज्यभर की 245 कृषि मंडियों में व्यापारियों की हड़ताल जारी है। जिससे कृषि जिंसों की खरीद-बिक्री बुरी तरह प्रभावित हो गई है। व्यापारी 26 फरवरी तक हड़ताल पर हैं और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को उदयपुर की मंडियों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जिससे लेनदेन नहीं हो सका। हड़ताल की जानकारी के चलते किसान भी मंडियों में नहीं पहुंचे। व्यापारी संगठनों ने धरना देकर नारेबाजी की और सरकार से उनकी मांगें जल्द पूरी करने की अपील की। व्यापारियों की प्रमुख मांगों में कृषक कल्याण शुल्क की समाप्ति, मोटे अनाज पर आढ़त की दर 2.25 रुपये प्रति सेंकड़ा करने, कृषि जिंसों पर मंडी शुल्क को एक प्रतिशत करना शामिल है। साथ ही राज्य के बाहर से आने वाली कृषि जिंसों पर मंडी शुल्क और कृषि कल्याण शुल्क खत्म करने की भी मांग की है। मंगलवार को जयपुर में दोपहर 12 बजे इस मुद्दे पर एक बैठक होगी। जिसमें राज्यभर के व्यापारी शामिल होंगे। इस बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो हड़ताल को और तेज किया जा सकता है।


