डूंगरपुर के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में एक लुटेरी दुल्हन शादी के 5 महीने बाद लूटेरी दुल्हन 15 तौला सोने, चांदी के जेवर ओर 47 हजार रुपए कैश लेकर फरार हो गई। पीड़ित से शादी करवाने के एवज में दलाल महिला ने भी 4 लाख रुपए ऐंठ लिए। पूरी घटना को लेकर पीड़ित युवक ने अब एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने सागवाड़ा थाना पुलिस पर सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए है। सागवाड़ा थाना क्षेत्र के पुनर्वास कॉलोनी निवासी नवीन कलाल पुत्र मनोहरलाल कलाल की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। इसमें बताया कि मोनिका पत्नी कपिल कदम निवासी महू सिमरोल रोड सुथार खेड़ी कालका माता मंदिर महू मध्य प्रदेश की रहने वाली है। उसकी बहन की शादी ओबरी थाना क्षेत्र के गामड़ा ब्राह्मणिया गांव में करवाई थी। जिस वजह से मोनिका और उनका आना जाना था। इस दौरान नवीन की शादी को लेकर मोनिका से चर्चा हुई। मोनिका ने शादी के लिए 4 से 5 लड़कियां होने की बात कही। इसके लिए 4 लाख रुपए मांगे। राखी पुत्री मातादीन निवासी झांसी यूपी से शादी के लिए राजी हो गए। शादी के लिए एमपी बुलाया। जिस पर उसके परिवार के लोग 6 मार्च 2024 को महू एमपी पहुंचे। जहां राखी के परिवार के लोगों ने शादी की तैयारियां कर रखी थी। आर्य समाज में नवीन और राखी दोनों की सामाजिक रीति रिवाज से शादी करवाई। शादी के बाद आरोपी मोनिका, कपिल कदम, आशा कदम निवासी सिमरोल रोड सुथार खेड़ी कालिका माता मंदिर जिला महू मध्य प्रदेश ने उसके पिता से 4 लाख रुपए ले लिए। शादी के बाद घर आए। 4 से 5 महीने तक राखी उसके घर पर पत्नी की तरह रही। इसके बाद रक्षाबंधन का त्योहार होने से वह घर जाने की कहकर निकली। राखी अपने साथ करीब 15 तोले से अधिक सोने-चांदी के गहने और 47 हजार रुपए कैश लेकर गई। इसके बाद राखी वापस घर नहीं आई। कई बार उससे संपर्क किया, लेकिन नहीं आई और उसका फोन नंबर भी ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। शादीशुदा होने के बावजूद शादी करवाई
पीड़ित ने बताया कि राखी पहले से शादीशुदा थी। इसके बावजूद उसकी शादी पहले से हो जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। मोनिका ने भी राखी के कुंवारी होने के बारे में ही बताया था। एएसआई पर आरोप- लुटेरी दुल्हन पक्ष से मिले
पीड़ित नवीन कलाल ने एसपी को परिवाद सौंपा है। इसमें बताया की घटना की शिकायत सागवाड़ा थाने में की थी। इसके बाद सागवाड़ा थाने के एएसआई हरिसिंह शक्तावत जांच के नाम पर 15 दिसंबर 2024 को मध्य प्रदेश के महू गए। जिसके आने जाने के लिए गाड़ी और खाने की तमाम व्यवस्था उनकी ओर से की गई। पीड़ित ने एएसआई हरिसिंह पर आरोपियों से रुपए लेकर उनके पक्ष में रिपोर्ट बनाने के आरोप लगाए। वहीं मामले में कार्रवाई करने के लिए उससे भी रुपए मांगे, लेकिन रुपए नहीं होने से उसने मना कर दिया। जिस पर एएसआई ने झूठी एफआर दे दी। इसकी शिकायत संपर्क पोर्टल पर की गई। इसके बाद से सागवाड़ा थाने का एएसआई उन्हें धमकियां दे रहे हैं। इस वजह से वह मानसिक रूप से परेशान है। वहीं उसके साथ किसी भी तरह की घटना के लिए एएसआई हरिसिंह पर आरोप लगाए हैं। एएसआई पर झूठे मुकदमे में फंसाने का भी शक जताया गया है। पीड़ित ने मामले में सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।


