स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने कहा- हमलोग यहां जनता की ढेरों अपेक्षाओं के साथ चुनकर आते हैं। राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता की इस सदन से आशाएं बंधी हैं कि उनके हित में और उनके लिए इस महापंचायत से समुचित कार्य हो। लेकिन, यह भी सत्य है कि कई बार गतिरोध के कारण जरूरी कार्य नहीं हो पाते हैं। इसलिए, मेरा आग्रह है कि सदन में गतिरोध न हो। आलोचना हो, विचार व्यक्त हो, अभिव्यक्ति हो। गतिरोध सदन की परंपरा नहीं है। वे सोमवार को छठी झारखंड विधानसभा के प्रथम बजट सत्र के पहले दिन अपना प्रारंभिक वक्तव्य दे रहे थे। स्पीकर ने कहा कि इस सदन में पहली बार 21 नए सदस्य चुनकर आए हैं और वे पहली बार बजट सत्र में भाग ले रहे हैं। आशा है कि ये लोग सदन के नियमों, परंपराओं और परिपाटियों का गहन अध्ययन करेंगे। साथ ही, अपने अभिभावक समान वरिष्ठों के अनुभव का लाभ उठाते हुए श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए इस बजट सत्र को और अधिक जनोपयोगी बनाएंगे। स्पीकर ने कहा कि पूर्व विधान सभा की भांति इस बार भी विधान सभा गठन के अवसर पर सभी निर्वाचित सदस्यगण का प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित की जाएगी। इस बार विधान सभा ने एक मार्च एवं दो मार्च 2025 को सदस्यों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम रखा गया है। उम्मीद है कि इससे सदस्यगणों को संसदीय परम्परा की बारीकियों को समझने में सहजता होगी। कहा कि बजट सत्र 27 मार्च 2025 तक चलेगा। वर्ष 2024-25 का तृतीय अनुपूरक बजट एवं वित्तीय वर्ष 2025-2026 का वार्षिक बजट का उपस्थापन किया जाएगा। सोमवार कार्यवाही समाप्त होने पर स्पीकर ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक की। जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए जाने वाले बजट पर दोनों दिनों तक चर्चा करने पर सहमति बनी। इस मुद्दे पर पहले भी सर्वदलीय बैठक में सहमति बनी थी। दिवंगतों को सदन में दी गई श्रद्धांजलि…
पहले दिन हाल ही में दिवंगत हुईं हस्तियों व आम लोगों को श्रद्धांजलि दी गईं। सदन ने सर्वसम्मति से शोक प्रस्ताव पारित कर दो मिनट का मौन रखा। स्पीकर ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षति अपूरणीय है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि राज्य ने कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों को खो दिया है, जिनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। सदन में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, रतन नवल टाटा, सीताराम येचुरी, ओम प्रकाश चौटाला, एसएम कृष्णा, कुंवर नटवर सिंह, सधनु भगत, बच्चा सिंह, छत्रुराम महतो, बैरागी उरांव, गुलाब सिंह मुंडा, मनोरमा सिंह, डॉ कृष्णानंद झा, विश्वनाथ सिंह, गणेश पासवान, प्रीतिश नंदी, जनरल पदमनाभन, शारदा सिन्हा, उस्ताद जाकिर हुसैन, श्याम बेनेगल आदि थे। इसके अलावा मौनी अमावस्या आैर कुंभ यात्रा के दौरान दुर्घटना में मारे गए व दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई। शोक प्रकाश में बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, अरूप चटर्जी, सरयू राय, जनार्दन पासवान, निर्मल महतो और जयराम महतो ने अपनी पार्टी की ओर से संवेदना व्यक्त की। इसके बाद कार्यवाही 25 फरवरी के दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्य मंत्रणा समिति का गठन
स्पीकर ने बजट सत्र लिए सभापतियों का मनोनयन किया है। इनमें प्रो. स्टीफन मरांडी, सीपी सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और नीरा यादव के नाम हैं। इनके अलावा कार्यमंत्रणा समिति में स्पीकर अध्यक्ष होंगे। हेमंत सोरेन, राधाकृष्ण किशोर, नवीन जायसवाल, निरल पूर्ति, अरूप चटर्जी व जनार्दन पासवान सदस्य बनाए गए हैं। सदन पटल पर रखा गया एटीआर
सरकार द्वारा दिए आश्वासनों के अनुपालन से संबंधित कृत कार्रवाई प्रतिवेदन यानी एटीआर सदन में पेश किया गया। वित्त सह संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एटीआर को सदन के पटल पर रखा। पंचम झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के जो कि 27 जुलाई से 02 अगस्त तक चला था, उसमें सरकार ने ये आश्वासन दिये थे। इसमें दिये गये कुल पांच आश्वासनों पर कार्रवाई की गयी है। विधानसभा में आज : 25 फरवरी को प्रश्नकाल और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व वाद-विवाद होगा। 26 फरवरी को अवकाश रहेगा। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, डॉ. रामेश्वर उरांव, राजद के सुरेश पासवान व अन्य।कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में बजट पर दो दिनों तक चर्चा कराने पर बनी सहमति


