जेपीएससी की 11 परीक्षा घोटाले से घिरी:अध्यक्ष से लेकर कॉपी जांचने वाला तक आरोपी, 12,517 अफसर व कर्मियों पर गड़बड़ी कर बहाल होने का संदेह

भर्तियों की सरकारी एजेंसी… गड़बड़ बहाली का अड्डा बन गई। बहाली के जिम्मेवार… पैसा कमाने के साधक बन गए। भर्ती परीक्षाएं… मजाक हो गईं। झारखंड में नियुक्तियां और विवाद साथ-साथ चलते हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) राज्य में आरोपमुक्त भर्ती परीक्षाएं कराने में असफल रहा। आयोग ने होनहारों के हिस्से की नौकरियों की बंदरबांट की। सरकारी नौकरियां बेची गईं। राज्य गठन के बाद जेपीएससी ने 29 भर्ती परीक्षाएं लीं। इनमें 11 भर्ती परीक्षाएं घोटाले से घिर गईं। सबकी जांच सीबीआई कर रही है। जेपीएससी के अध्यक्ष से लेकर उत्तर पुस्तिका की जांच करने वाले शिक्षक तक इन घोटालों के आरोपी हैं। इन 11 भर्ती परीक्षाओं से नियुक्त हुए 12,517 अफसर और कर्मी संदेह के घेरे में है। जेपीएससी (वन) की टॉपर शालिनी विजय इन्हीं 12,517 अफसरों व कर्मियों में से एक थीं। शालिनी ने 22 फरवरी 2025 को केरल में आत्महत्या कर ली। कहा जा रहा है कि अपनी नियुक्ति की सीबीआई जांच का सामना कर रहीं शालिनी सार्वजनिक रूप से अपमानित होने की आशंका से डरी हुई थीं। शालिनी की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। सवाल यह है कि गड़बड़ बहालियों के जिम्मेवार आयोग के अफसरों, कर्मियों और एजेंसियों को सजा कब मिलेगी? गलत नियुक्ति के आरोपों की जांच का सामना कर रहे अफसरों व कर्मियों का भविष्य क्या है? जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. परवेज हसन का कहना है कि निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं के लिए एआई तकनीक की मदद लेनी होगी और सीबीटी मोड में परीक्षा आयोजित करनी होगी। जांच में सामने आ चुकी हैं ऐसी-ऐसी गड़बड़ियां… बिना उत्तर लिखे भी मिले अंक : कई अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका खाली छोड़ने के बावजूद पास कर दिया गया। गलत जवाब पर भी मिले नंबर : उत्तर पुस्तिकाओं में गलत जवाब होने के बावजूद अभ्यर्थियों को अधिक अंक दिए गए। मुख्य पृष्ठ पर बढ़ाया गया नंबर : अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका के अंदर कम नंबर थे, लेकिन मुख्य पृष्ठ पर ज्यादा अंक लिख दिए गए। जैसे किसी अभ्यर्थी को उत्तर पुस्तिका के अंदर कुल 33 नंबर मिले, लेकिन उत्तर पुस्तिका के ऊपर नंबर 88 कर दिया गया। इन परीक्षाओं की हो रही है सीबीआई जांच भर्ती परीक्षा का नाम नियुक्ति प्रथम सिविल सेवा परीक्षा 64 द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा 172 सहायक और कनीय अभियंता 335 विवि में डिप्टी रजिस्ट्रार नियुक्ति 02 व्याख्याता नियुक्ति परीक्षा 751 झारखंड पात्रता परीक्षा रिकॉर्ड गायब प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 9735 प्रथम सीमित सिविल सेवा नियुक्ति 50 सहकारिता सेवा परीक्षा 325 चिकित्सक नियुक्ति परीक्षा 1070 बाजार पर्यवेक्षक नियुक्ति परीक्षा 53 जेपीएससी सदस्यों के बेटा-बेटी और नेताओं के रिश्तेदारों ने भी पाई नौकरी चयनित किसके रिश्तेदार मुकेश कुमार महतो सुदेश महतो (नेता) प्रशांत के. लायेक प्रदीप यादव (नेता) राधा प्रेम किशोर राधा कृष्ण किशोर (नेता) रजनीश कुमार गोपाल पी. सिंह (पूर्व सदस्य जेपीएससी) कुंदन कुमार सिंह गोपाल पी. सिंह (पूर्व सदस्य जेपीएससी) मौसमी नागेश राधा जी. नागेश (पूर्व सदस्य जेपीएससी) बिनोद राम शांति देवी (पूर्व सदस्य जेपीएससी) वर्तमान स्थिति चिंताजनक, क्योंकि… सात माह से अध्यक्ष पद खाली, 1700 से अधिक नियुक्तियां फंसीं जेपीएससी की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। पिछले 7 माह से अधिक समय से जेपीएससी अध्यक्ष का पद खाली है। इस कारण 1700 से अधिक नियुक्तियां अटकी हुई हैं। न रिजल्ट निकल रहा है और न ही परीक्षा की तारीख घोषित हो रही है। अभ्यर्थी परेशान हैं। अध्यक्ष मिले तो ये नियुक्तियां हों… 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा: जून 2024 में नियुक्ति परीक्षा हुई। परीक्षा बाद की प्रक्रिया ठप पड़ी है। फूड सेफ्टी ऑफिसर बहाली: 2024 में परीक्षा हुई। आगे की प्रक्रिया कब होगी, पता नहीं। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी: प्रारंभिक परीक्षा हो चुकी है, पर रिजल्ट का इंतजार है। यह भी हुआ- जेपीएससी के तत्कालीन सचिव रतिकांत झा ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा था कि असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति के लिए बनी मेरिट लिस्ट आयोग की नहीं है। आयोग की स्वीकृति के बिना ही रिजल्ट जारी हुआ।

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