भास्कर न्यूज | बालोद जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी चन्द्रहास निषाद (21) को लैंगिक अपराध की धारा 6 के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 1 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा भारतीय दण्ड संहिता की धारा 363 के आरोप में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 1 हजार अर्थदंड, धारा 366 के आरोप में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व 1 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। विशेष लोक अभियोजक बसंत कुमार देशमुख के अनुसार 21 सितंबर 2021 को पीड़िता की मां ने थाने में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि नाबालिग बेटी 20 सितंबर को बिना सूचना दिए कहीं चली गई। बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी के कब्जे से पीड़िता को छुड़ाकर बयान लिया गया। पीड़िता ने जानकारी दी कि दिसंबर 2019 में आरोपी से पहचान होने के बाद मोबाइल में बातचीत करते थे। शादी का झांसा देकर मार्च 2020 में आरोपी बाइक में घुमाने ले गया। इस दौरान शारीरिक संबंध बनाया। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 363, 276(2) (ढ) एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4, 5 (ठ)/6 जोड़कर पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश किया।


