गंडई पंडरिया| गंडई से करीब 7 किमी दूरी पर बिरखा घटियारी में प्राचीन शिव मंदिर है, जहां खंडित प्रतिमाओं की पूजा की जाती है। जमीन में दफन यह मंदिर 1979 में टीले के उत्खनन से प्रकाश में आया। सैकड़ों वर्ष तक जमीन में दबे होने की वजह से मंदिर की ज्यादातर मूर्तियों के हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। मंडप में भगवान गणेश, भैरव, महिषासुर मर्दनी तथा अन्य खंडित प्रतिमाएं रखी हुई है। पुरातत्व विभाग के सर्वे के अनुसार पूर्वमुखी मंदिर में मंडप और गर्भगृह दो अंग हैं। फणी नागवंशी राजाओं के राज्यकाल में 10वीं-12वीं ईसवी में इसका निर्माण किया गया था। मंदिर के दोनों साइड सूक्ष्म कुंड है। कुंड पानी एकत्र करने के लिए बनाए गए थे। इसी पानी से स्वत: जलाधारी में स्थापित शिवलिंग का जलाभिषेक होता है ।


