भास्कर न्यूज | मझिआंव असामयिक आंधी, तूफान और तेज बारिश ने क्षेत्र में आयोजित रुद्र महायज्ञ के पावन आयोजन में अचानक खलल डाल दिया। विदित हो कि ब्लॉक रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में शिव प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया है। जो कई दिनों से चल रहे इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही थी। दूर-दूर से आए भक्तजन भक्ति भाव से यज्ञ में आहुति दे रहे थे और कथा-प्रवचन का आनंद ले रहे थे। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल सजाया गया हैं। जहां विद्वान आचार्यों द्वारा वेद मंत्रों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना हुआ था। मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के बावजूद भी आयोजकों को इस तरह के तेज तूफान की आशंका नहीं थी।अचानक दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और देर शाम तेज हवाओं के साथ काले बादल छा गए। देखते ही देखते आंधी इतनी प्रचंड हो गई कि प्रवचन पंडाल की मजबूत मानी जा रही संरचना भी हिलने लगी। कुछ ही पलों में तेज हवा और बारिश ने पंडाल को धराशायी कर दिया।मेला में लगे दुकानों की छतरियां उड़ने लगी। साथ ही सारा सामान बिखर गया। हालांकि वहां मौजूद श्रद्धालु मौसम का मिजाज देखते ही सुरक्षित आसियाना पकड़ने के लिए कुछ के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। भंडारे के लिए बड़ी मात्रा में महाप्रसाद तैयार किया गया था। सैकड़ों लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन तेज बारिश और उड़ती धूल-मिट्टी के कारण पूरा महाप्रसाद खराब हो गया। खुले में रखे भोजन में पानी भर गया और उसे वितरित करना असंभव हो गया। इस अप्रत्याशित घटना से आयोजकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सौभाग्य से किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। इधर शिव मंदिर कमेटी के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में सहयोग किया। इस घटना ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता और बड़े आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधों की आवश्यकता को उजागर किया है। इधर रुद्र महायज्ञ आयोजन के अध्यक्ष जगन्नाथ प्रसाद ने बताया कि जैसे ही मौसम सामान्य होगा, महायज्ञ और प्रवचन कार्यक्रम पुनः आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं ने भी विपरीत परिस्थितियों में धैर्य का परिचय देते हुए आयोजन की सफलता के लिए प्रार्थना की। इधर मंगलवार के दिन सामान्य मौसम रहने के कारण पुनः धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है। यज्ञ परिसर में श्रद्धालुओं कि भीड़ उमड़ रही है।


