भास्कर न्यूज | जालंधर सूर्या एनक्लेव छोटी अयोध्या श्री राम मंदिर से श्री श्याम परिवार की ओर से श्री श्याम फाल्गुन उत्सव व निशान यात्रा निकाली गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा, जहां हवा में गुलाल के साथ-साथ बाबा श्याम के जयकारों की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्वान पंडितों द्वारा किए गए विधिवत पूजन से हुआ। यजमानों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बाबा के चरणों में शीश नवाया। इसके पश्चात, केसरिया और रंग-बिरंगे निशानों (ध्वजों) के साथ निशान यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु हाथों में बाबा का निशान थामे, नाचते-गाते इलाके की परिक्रमा करने निकले। स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा का समापन वापस श्री राम मंदिर में हुआ, जहां भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। 56 भोग लगाए : उत्सव के अंतिम चरण में बाबा श्याम को 56 प्रकार के व्यंजनों का भव्य भोग लगाया गया। आरती के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। यहां पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, पूर्व विधायक राजिंदर बेरी, शैली खन्ना, विवेक खन्ना, ललित मित्तल, सुनील शर्मा, राकेश गर्ग, राजन गुप्ता, मनोज अग्रवाल, एमएल एरी, प्रमोद गुप्ता, श्याम कपूर, पुनीत अग्रवाल, विपन गुप्ता, विशाल गुप्ता, पंकज गुप्ता, प्रमोद सिंगल, अंकित सिंघल, हिमांशु अग्रवाल, अतुल गुप्ता मौजूद थे। भजन गायक पवन कुमार ने अपनी सुरीली आवाज से दरबार में समां बांध दिया। श्री गणेश वंदना से शुरू हुआ सिलसिला बाबा के भजनों तक पहुंचा। जब उन्होंने खाटू को श्याम रंगीलो और आज ब्रज में होली रे रसिया गाया- तो श्रद्धालु खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। विशेष रूप से होली के भजनों पर भक्तों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और फूलों की होली खेली। पूरा मंदिर प्रांगण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात खाटू धाम जालंधर की धरती पर उतर आया हो। उन्होंने भजनों के माध्यम से भक्तों को कहा कि “समाज में संत चलते-फिरते तीर्थ के समान हैं। जिस प्रकार सैनिक सीमा पर देश की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार संत समाज में फैली बुराइयों को दूर कर मानवीय मूल्यों की रक्षा करते हैं। तीर्थ स्नान तन को शुद्ध करता है, पर संतों का सान्निध्य मन को पावन कर देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन की समस्याओं का समाधान और अज्ञानता का नाश केवल प्रभु भक्ति और महापुरुषों के मार्गदर्शन से ही संभव है।


