लोहरदगा में नगर पर्षद चुनाव संपन्न होने के बाद अब प्रत्याशियों के जीत हार पर चौपाल लगने शुरू हो गए है। मतदाताओं ने अपने फैसले का मुहर लगा दिया है। 27 फरवरी को मतपेटियों से स्पष्ट आंकड़े सामने आएंगे। जो अध्यक्ष व पार्षद पद के उम्मीदवारों के हार जीत का फैसला करेगा। उसे दिन पता चलेगा कि जनता ने किसे चुना है और किसे नकार दिया है। परंतु जो उम्मीदवार जीतेंगे उनके लिए राह आसान नहीं होगी। यानि जीत के साथ ही उनके समक्ष कई चुनौतियां आएंगी। क्योंकि ऐसे तो लोहरदगा नप क्षेत्र समस्याओं को लेकर संवेदनशील है और अब मतदाताओं की नजर भी विकास की ओर टुकटुका रही है। यहां कई समस्याएं है, जिससे जनता जूझ रही है। इन समस्याओं को दूर करना जीतने वाले प्रत्याशी के लिए चुनौती होगी। शहर की प्रमुख समस्याओं में स्थाई बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, टैक्स में बढ़ोतरी, ऐतिहासिक ठकुराइन व विक्टोरिया तालाब का सौंदर्यकरण, ठोस कचरा प्रबंधन, पेयजल, भीड़ व प्रदूषण से छुटकारा दिलाने के लिए बाइपास सड़क में ढिलसिलाई है। अब चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों से यह उम्मीद होगी कि वे इन समस्याओं को प्रमुखता से निबटाएं। वहीं इन चुनौतियों से पूर्व मतदान संपन्न होने के साथ ही जगह जगह पर होने वाले बैठकी में लोगों के समीकरण जादुई आंकड़े के रूप में खुल रहे है। मतदाता अपने अपने आंकड़े एक दूसरे को बताकर जीत हार का मजा ले रहे है तो विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक भी विपक्षियों के हार को ज्यादा खुशी के साथ देख रहे है। इसी बीच कुछ प्रत्याशियों के चेहरे में अब भी मुस्कुराहट बनी है तो कुछ के चेहरों पर घबराहट भी नजर आने लगे है। इधर 27 को होने वाले मतगणना को लेकर कृषि बाजार परिसर स्थित वज्रगृह में सुरक्षित रखी मतपेटियों पर सीसीटीवी के माध्यम से नजर रखी जा रही है। वहीं एके 47 के साथ घंटों सुरक्षाबल भी इसकी सुरक्षा के िलए तैनात खड़े है।


