होली में बुद्धादित्य व शुक्रादित्य का बन रहा है राजयोग तरक्की व धनलाभ होने की प्रबल संभावना : डॉ. अनुग्रह

भास्कर न्यूज | हजारीबाग मार्खम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हजारीबाग में शुक्रवार को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से लर्निंग स्किल्स, पर्सनैलिटी एनालिसिस व करियर प्लानिंग विषयक एक कार्यशाला का आयोजन हुआ। यह कार्यशाला करियर बे, एचएन देव कॉम्प्लेक्स, हजारीबाग द्वारा मार्खम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक प्रतिस्पर्धी युग में प्रभावी अध्ययन तकनीकों, व्यक्तित्व विश्लेषण की प्रक्रिया तथा सुविचारित करियर नियोजन के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करना था। कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत विषयों को गंभीरता से सुना। करियर बे के विशेषज्ञों ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीखने की सही रणनीति, समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण और आत्म विश्लेषण की क्षमता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्मार्ट लर्निंग तकनीक, नोट्स बनाने की प्रभावी पद्धति, एकाग्रता बढ़ाने के उपाय तथा परीक्षा की तैयारी की वैज्ञानिक विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। व्यक्तित्व विश्लेषण सत्र में छात्रों को अपनी रुचियों, क्षमताओं और कमजोरियों को पहचानने की प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रत्येक छात्र का व्यक्तित्व अलग होता है और उसी के अनुरूप करियर का चयन करना चाहिए। उन्होंने विभिन्न मनोवैज्ञानिक परीक्षणों और आत्ममूल्यांकन तकनीकों का उल्लेख करते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने लिए उपयुक्त करियर विकल्प चुन सकते हैं। करियर प्लानिंग पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने वर्तमान रोजगार बाजार की स्थिति, उभरते हुए क्षेत्रों, कौशल विकास के महत्व तथा इंटरव्यू की तैयारी के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने, दीर्घकालिक योजना बनाने तथा निरंतर कौशल उन्नयन पर जोर देने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस. एम. कैसर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व विकास और करियर के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को आत्मविश्वास प्रदान करती हैं और उन्हें अपने भविष्य की दिशा तय करने में मदद करती हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने करियर संबंधी प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया। अंततः धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।

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