आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा से लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग पूछताछ कर रहे हैं। अब उसकी नई दिक्कत ग्वालियर से शुरू होने वाली है। दरअसल, सौरभ ने परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति लेते समय शपथपत्र में बड़े भाई की सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी। इस झूठ को लेकर अब परिवहन विभाग शिकायत करने की तैयारी में है। इसके लिए मुख्यालय से हरी झंडी भी मिल गई है। जल्द पुलिस को सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ शिकायत भेजी जा सकती है। साैरभ की नियुक्ति को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू पहले ही लोकायुक्त में शिकायत कर चुके हैं। कार में मिला था 11 करोड़ कैश और 52 किलो गोल्ड
सौरभ शर्मा दिसंबर 2024 में तब चर्चा में आया था, जब लोकायुक्त, ईडी और आयकर विभाग ने उसके ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी। इसी दौरान भोपाल के मेंडोरी में इनोवा कार से 11 करोड़ रुपए कैश और 52 किलो गोल्ड जब्त किए गए थे। इसका लिंक भी सौरभ से जुड़ा था। इसके बाद सौरभ और उसके सहयोगियों की बेशुमार संपत्ति सामने आई थी। हालांकि, अब तक हुई पूछताछ में सौरभ शर्मा ने यह स्वीकार नहीं किया है कि मेंडोरी में इनोवा कार में मिला सोना और कैश उसका है। ऐसे में आयकर अफसरों के सामने यह परेशानी है कि कैश और गोल्ड के मालिक को सामने लाएं और अपनी जांच रिपोर्ट फाइल करें। ग्वालियर में झूठे शपथ पत्र पर नियुक्ति की शिकायत
आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू के मुताबिक, सौरभ ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन में परिवार के सदस्यों के कॉलम में अपने भाई की जानकारी छिपाई थी। सौरभ ने नहीं बताया था कि उसका बड़ा भाई सचिन शर्मा छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी में है। सौरभ की मां उमा शर्मा ने आवेदन में सहमति कॉलम पर हस्ताक्षर किए थे। ग्वालियर के तत्कालीन चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर (CMHO) अनूप कमठान ने इस आवेदन को वेरिफाई किया था। RTI कार्यकर्ता साहू ने इस आवेदन पर सौरभ और तत्कालीन सीएमएचओ सहित अन्य लोगों पर केस दर्ज करने की मांग की थी। सरकारी नौकरी की जानकारी छिपाकर झूठा शपथ पत्र पेश किया
परिवहन विभाग के सूत्राें के मुताबिक, भोपाल से इजाजत मिल गई है कि ग्वालियर में संबंधित थाने में शिकायत कर कार्रवाई की जाए। इससे पहले आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू ने दावा किया था कि साल 2015 में सौरभ शर्मा के पिता राकेश कुमार शर्मा के आकस्मिक निधन के बाद उनकी मां उमा शर्मा ने बड़े बेटे सचिन शर्मा की सरकारी नौकरी की जानकारी छिपाकर झूठा शपथ पत्र पेश किया था। इसके आधार पर सौरभ को 2017 में परिवहन विभाग में तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति मिली थी जबकि उसका बड़ा भाई सचिन पहले से ही छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी कर रहा था। साहू ने सौरभ की नियुक्ति को पूरी तरह गैर-कानूनी बताते हुए विस्तृत जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। ग्वालियर में 27 दिसंबर को ईडी ने छापेमारी की थी 27 दिसंबर 2024 की सुबह 5 बजे ईडी की टीम ने ग्वालियर के विनय नगर स्थित सौरभ शर्मा के घर पर छापा मारा था। टीम ने दिनभर की कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे, जिन्हें बैग में भरकर ले जाया गया था। छापामार कार्रवाई में ईडी को जानकारी मिली थी कि सौरभ शर्मा की मां ने हाल ही में हाईवे पर करोड़ों की जमीन बेची थी। टीम इस सौदे की सटीक राशि और लेन-देन की प्रक्रिया की जांच कर रही थी। इसके अलावा सिटी सेंटर में उमा शर्मा के नाम पर कई संपत्तियां मिली थीं। इनमें एक व्यवसायिक बिल्डिंग शामिल थी, जहां थंब, टीबीआर और हैश टैग पब संचालित होते हैं। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
सौरभ शर्मा ने नहीं कबूला-कैश और गोल्ड किसके भोपाल के मेंडोरी में इनोवा कार से जब्त किए गए 11 करोड़ रुपए कैश और 52 किलो गोल्ड के मामले में सबसे अहम किरदार चेतन सिंह गौर बनेगा। अब तक लोकायुक्त, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग सौरभ शर्मा से यह कबूल नहीं करा सके हैं कि यह सोना और कैश उसका है। पढ़ें पूरी खबर…


