ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने किया खुलासा:महिला को धर्म की बहन मानने वाले ने गहनों को लूटने के लिए की थी हत्या, कर्ज में डूबा था आरोपी

दो दिन पहले चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर स्थित हाज्या खेड़ी पुलिया में हुए ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने खुलासा किया है। महिला के पहने हुए सोने के गहनों के लिए यह हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने महिला के पड़ोस के ही गांव में रहने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मृतका को धर्म की बहन बना रखा था और दोनों गाय, भैंस खरीदने-बेचने का बिजनेस भी साथ में किया करते थे। महिला ने आरोपी को काफी रुपए भी उधारी में दे रखी थी। उसी कर्ज को चुकाने के लिए आरोपी ने महिला के गहने लूटने की प्लानिंग पहले से ही कर ली थी। इस मामले को भदेसर पुलिस और साइबर सेल पुलिस ने मिलकर सुलझाया। मृतका के कॉल डिटेल ने किया खुलासा 27 फरवरी को भदेसर थाना क्षेत्र के हाज्या खेड़ी पुलिया पर देर रात को एक महिला की लाश मिली थी। महिला की पहचान उदयपुर जिले के वल्लभनगर थाना क्षेत्र के रुंदेड़ा निवासी मीना पत्नी हुक्मी चंद मेनारिया के रूप में हुई। मौके पर भदेसर पुलिस के साथ साइबर टीम भी पहुंची। तकनीकी मदद से एक्टिव मोबाइल फोन की डिटेल और मृतका के कॉल डिटेल निकाली गई। कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। मृतका की आखिरी बात आरोपी के साथ ही हुई थी। आरोपी तक पहुंचने का मुख्य पहलू कॉल डिटेल ही बना। उसके आधार पर मृतका के पास के गांव वाना निवासी रमेश चंद्र (38) पुत्र बाबू लाल गाड़िया लोहार के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने आरोपी को उसके घर से डिटेन कर पूछताछ की तो उसने जल्दी ही सारा सच बता दिया। इस बार गांव के बाहर बुलाया था ताकि पकड़ में ना आ सके आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह मृतका मीना के साथ गाय, भैंस खरीदने और बेचने का बिजनेस करता था। वह 10-12 सालों से मृतका को जानता था और उसे धर्म की बहन बना रखा था। उसने काफी उधार भी मृतका से ले रखा था। वारदात वाले दिन भी उसने मृतका को गाय खरीदने का बोला और बुलाया। हमेशा आरोपी मीना बाई को घर तक लेने जाता है लेकिन उस दिन उसने मृतका को गांव के बाहर बुलाया ताकि उसे कोई देख ना सके। सिर्फ सोने के गहने ले गया आरोपी उसने मीना बाई को पिकअप गाड़ी में बैठाया और मंगलवाड़ की तरफ लेकर गया। उसने पहले से ही प्लानिंग बना ली थी। वह मंगलवाड़ से मीना बाई को हाज्या खेड़ी पुलिया तक लाया और मृतका का धोखे से गला दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद उसने मीना बाई की चुनरी से मुंह बांधकर गाड़ी में रखे रस्से से गला बांधकर उसके सोने के गहनों को निकाला और लाश को पुलिया पर फेंक कर अपने घर वाना चला गया। आरोपी ने मृतका के सभी सोने के गहनों को लूटा था, जबकि चांदी के गहने मृतका के शरीर में ही थे। इससे पहले यह मामला लूट का नहीं लगा। जैसे-जैसे इन्वेस्टिगेशन होता गया, मामला लूट से जुड़ता गया। नदी में फेंकना चाहता था लाश, लेकिन नहीं फेंक पाया आरोपी शव को पुलिया के नीचे फेंकना चाहता था लेकिन भारी शरीर होने के कारण वो अकेला यह काम नहीं कर पाया। कोशिश करने के बावजूद भी लाश पुलिया पर ही गिर गई। उसने मृतका का मोबाइल भी हाज्या खेड़ी पुलिया के नीचे नदी में फेंक दिया। हालांकि गहनों की रिकवरी की अभी तक इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई । बताया जा रहा है कि आरोपी नशे का आदी था और जुआ-सट्टा खेलता था। इस कार्रवाई में भदेसर थानाधिकारी धर्मराज मीना, ASI सुभाष, निहाल सिंह, गोपाल, सुनील, कॉन्स्टेबल विकास, विजय, रतन सिंह, नरेंद्र, झाबर मल, मुरलीधर और धर्मेंद्र शामिल थे। वहीं, इस कार्रवाई में साइबर सेल की भी खास भूमिका रही है। साइबर सेल से हेड कॉन्स्टेबल राजकुमार, कॉन्स्टेबल रामावतार, राम नरेश, मनीष, राजेश और कमलेश शामिल थे।

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