गुरमीत लूथरा अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर अमृतसर एयरपोर्ट पर रविवार को दूसरे दिन भी देखने को मिला। श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाली 9 उड़ानें प्रभावित हुईं। खाड़ी देशों में नौकरी पर लौटने वाले कई लोग उड़ान रद्द होने से एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। अमृतसर से दुबई, शारजाह, मस्कट और दोहा जाने वाली लगभग 9 उड़ानें प्रभावित से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रविवार को इंडिगो की दोपहर 12 बजे अमृतसर-शारजाह, एयर इंडिया एयरलाइंस की दोपहर 12.35 बजे जाने वाले अमृतसर-गैटविक फ्लाइट को रद्द कर दिया गया। इसके अलावा एयर इंडिया एयरलाइंस की शाम 4.05 बजे दुबई जाने वाली उड़ान भी रद्द कर दी है। मस्कट जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे कलानौर निवासी जगदीप सिंह (25) ने कहा कि एयरलाइंस या एयरपोर्ट अथारिटी की ओर व्हाट्ऐप-ईमेल या एसएमएस से फ्लाइट रद्द होने की कोई जानकारी नहीं दी गई। एयरपोर्ट पहुंचे तो पता चला कि युद्ध की स्थिति की वजह से उड़ान रद्द कर दी गई हैं। अगर समय पर सूचना दे दी होती तो कलानौर से एयरपोर्ट न आते। मस्कट में आपरेटर की नौकरी करते हैं तथा भारतीय करंसी के अनुसार 35 हजार रुपए सैलरी लेते हैं। अगर युद्ध लंबा चला तो नौकरी से भी हाथ धो बैठेंगे। दोबारा नौकरी मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। खाड़ी देशों की फ्लाइट्स रद्द होने से रविवार को एयरपोर्ट पहुंचे कई यात्री परेशान दिखे। बता दें कि खाड़ी देशों में पंजाब के कई युवा नौकरी करते हैं जो फ्लाइट्स रद्द होने नहीं जा पाए। छेहर्टा के अरविंदर सिंह (32) ने बताया कि शाम को अमृतसर-दुबई फ्लाइट से रवाना होना था लेकिन यहां आकर पता चला कि उड़ान रद्द कर दी गई हैं। अरविंदर ने बताया कि 3 साल से दोहा-कतर में एक प्राइवेट कंपनी में लेबर का काम कर रहा है। उसकी सैलरी भारतीय करंसी के मुताबिक करीब 30 हजार रुपए हैं। अगर वह काम पर नहीं पहुंचा तो घर का गुजारा कैसे चलेगा इस बात की चिंता सता रही है।


