किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोतरी और पर्यावरण को बचाने के लिए आरसीडीएफ बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आरसीडीएफ 50 करोड़ रुपए की लागत से बस्सी में गुजरात के बनासकांठा मॉडल पर हर दिन 1500 किलोग्राम क्षमता वाला कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने जा रहा है। इस प्लांट के लिए हर दिन आसपास के गांव के 2 हजार किसानों और दुग्ध उत्पादकों से 100 टन गोबर 1 रुपए किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। इससे इन्हें हर दिन 1 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी। इन्हें रियायती दर में जैविक खाद्य भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि जैविक खेती को बढ़ावा मिल सके। प्लांट से निकलने वाली गैस का उपयोग वाहनों में भरने और गैस सिलेंडर भरने में किया जाएगा। इसके लिए बस्सी प्लांट पर मुख्य सड़क पर सीएनजी स्टेशन लगाया जाएगा। बाकी गैस को सिलेंडर में भरने के लिए बॉटलिंग प्लांट भी लगेगा। इसके साथ ही हर दिन करीब 15 टन जैविक खाद्य बनाने का टारगेट रखा है। अधिकारियों का दावा है कि यह प्लांट सहकारिता क्षेत्र में प्रदेश में पहला होगा। पशुपालन व डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत का कहना है कि इससे पशुपालकों और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। इस प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद अन्य जिलों में इसे स्थापित किया जाएगा। सीएम भजनलाल की अहम भूमिका इस प्रोजेक्ट को स्थापित करने में सीएम भजनलाल शर्मा की अहम भूमिका रही है। राइजिंग राजस्थान में भी सीएम ने ग्रीन व रिन्यूएबल एनर्जी पर निर्भरता बढ़ाने पर ज़ोर दिया था। इस साल पहली बार प्रदेश में ग्रीन बजट भी पेश किया गया। इसी क्रम में किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोतरी और पर्यावरण को बचाने में के लिए आरसीडीएफ की ओर से बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली में गृह एवं सहकारिता मंत्री के बीच होगा एमओयू आरसीडीएफ एमडी श्रुति भारद्वाज ने बताया कि ”कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट के लिए 3 मार्च को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में आरसीडीएफ, जयपुर डेयरी, एनडीडीबी, सुजूकी के बीच में भारत मंडपम में एमओयू होगा। इसमें आरसीडीएफ की और से जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जयपुर डेयरी आसपास के गांवों के किसानों और दुग्ध उत्पादकों से गोबर एकत्रित करेगा। सुजूकी के माध्यम से प्लांट स्थापित किया जाएगा। एनडीडीबी और सुजूकी के माध्यम से प्लांट का संचालन किया जाएगा।


