भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड क्षेत्र के धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर धान का समय पर उठाव नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पैक्स में धान का उठाव बंद रहने के कारण कई किसानों का धान अब भी खलिहानों में ही पड़ा हुआ है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पाटन निमिया के किसान विनोद सिंह, महेंद्र सिंह, राम जन्म सिंह, जितेन्द्र सिंह, अभिषेक सिंह, मुकेश सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस वर्ष धान की अच्छी उपज होने से उन्हें काफी खुशी थी। उम्मीद थी कि पैक्स में धान बेचकर उचित मूल्य मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लेकिन विभागीय अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने कहा कि वे पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं। धान का उठाव नहीं होने से वे कम दामों पर बाजार में बेचने को मजबूर हैं। परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि एक महीने से धान खलिहान में पड़ा है और खराब होने की स्थिति में पहुंच चुका है। इधर, सेमरी पैक्स अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उनके पैक्स को 4 हजार क्विंटल धान क्रय करने का लक्ष्य मिला है, जिसमें से अब तक 23 सौ क्विंटल की खरीद की गई है। विभाग द्वारा मात्र 13 सौ क्विंटल धान का ही उठाव हो पाया है। 15 सौ क्विंटल का भुगतान प्राप्त हुआ है, जबकि शेष राशि का भुगतान लंबित है। ^बीच में धान क्रय पर रोक लगा दी गई थी, जिसके कारण समस्या उत्पन्न हुई। हालांकि अब पुनः धान क्रय शुरू करने का आदेश प्राप्त हुआ है और शेष किसानों का धान भी जल्द क्रय किया जाएगा। ^ सत्येंद्र सिंह, पैक्स अध्यक्ष, सेमरी खलिहान में पड़ा धान और पैक्स का भरा गोदाम।


