दिव्यांग बच्चे के इलाज और बुजुर्ग की सहायता के लिए आगे आई जत्थेबंदी

भास्कर न्यूज | जालंधर सिख सेवक सोसायटी इंटरनेशनल ने गांव गगोमाहल एक बेसहारा परिवार का सहारा बनकर मानवता की सेवा का संदेश दिया है। गांव गगोमाहल की रहने वाली बुजुर्ग औरत और उनका पोता लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस कारण दोनों का हर दिन कठिनाइयों से भरा था। चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण वे घर की चारदीवारी तक सीमित होकर रह गई थीं। पोता जन्म से ही दिव्यांग है। फिर भी वह स्कूल में पढ़ रहा है और होनहार है। बच्चे का पिता एक दिहाड़ी मजदूर है। महंगाई के इस दौर में मजदूरी से केवल घर का चूल्हा ही मुश्किल से चलता है। अब सिख सेवक सोसायटी इंटरनेशनल ने बच्चे की टेढ़ी टांगों के पूर्ण ऑपरेशन और इलाज की जिम्मेदारी उठाई है। वहीं, व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई और पोते की पढ़ाई के लिए नकद राशि प्रदान की गई। सोसायटी के मुख्य जत्थेदार परमिंदर पाल सिंह खालसा ने कहा कि सिख सेवक सोसायटी एक संगती जत्थेबंदी है, जो गुरु साहिब के ‘सरबत दा भला’ के सिद्धांत पर चलती है। इस मौके सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य प्रो. बलविंदरपाल सिंह, संदीप सिंह चावला, हरदेव सिंह गरचा और साहिब सिंह आर्टिस्ट भी उपस्थित थे।

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