भास्कर न्यूज | बालोद कृषि विज्ञान केंद्र, बालोद में कृषि विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के मैदानी अधिकारियों और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की मासिक कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में मार्च माह के लिए समसामयिक कृषि सलाह दी गई, जिससे किसानों को फसल उत्पादन में अधिक लाभ मिल सके। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के. आर. साहू ने मक्के में लगने वाले कीटों के लक्षण, नियंत्रण और पीड़कनाशी दवाओं के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. भीमेश्वरी साहू ने मूंग और उड़द की फसलों में लगने वाले रोगों और उनके रोकथाम के उपाय बताए। सचिन वर्मा ने मक्के में खरपतवार नियंत्रण के तरीकों पर जानकारी दी। इसके अलावा, धान, दलहनी फसलें, उद्यानिकी फसलें और पशुपालन से संबंधित मौसम आधारित कृषि क्रियाओं पर भी चर्चा हुई। इस कार्यशाला में जिलेभर से आए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने फील्ड में आ रही समस्याओं को साझा किया, जिनका समाधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने जैविक और अन्य तरीकों से बताया। उद्यानिकी, मिट्टी और जल संरक्षण के बारे में बताया कार्यक्रम में उद्यानिकी, मृदा संरक्षण, जल संरक्षण, पौध संरक्षण और पशुपालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों में डॉ. केआर साहू, सचिन वर्मा, डॉ. भीमेश्वरी साहू, डॉ. नीतू सोनकर, केके लहरे और राजेश कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग की ओर से उपसंचालक जीएस ध्रुवे, अनुविभागीय अधिकारी महेश मार्गीय और जीएसएडीओ केआर पिस्दा के नेतृत्व में 100 से अधिक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी इस कार्यशाला में शामिल हुए। कृषि विज्ञान केंद्र में विभिन्न फसलों और तकनीकों का अवलोकन किया।


