राज्य महिला आयोग के दल ने बुधवार को बांसवाडा सर्किट हाउस में जनसुनवाई की और महिलाओं के दुःख-दर्द सुनते हुए इनके त्वरित निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आयोग से अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती, सदस्य अंजना मेघवाल एवं सुमित्रा जैन और सदस्य सचिव वीरेन्द्र यादव मौजूद थे। दल ने महिला उत्पीड़न, महिला सशक्तिकरण व महिला कल्याण के क्षेत्र में आयोग द्वारा संचालित गतिविधियों एवं कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। बांसवाडा जनसुनवाई में 13 परिवाद मौके पर दर्ज किये गए। जनसुनवाई के आरंभ में कलेक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव एवं एसपी हर्ष वर्धन अगरवाला ने आयोग की अध्यक्ष सहित सदस्यों का स्वागत किया । आयोग ने जनसुनवाई में आए परिवादियों से चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं और परेशानियों को तसल्ली से सुना और सभी संबंधितों को निर्देशित किया कि पीड़ित महिलाओं की परेशानी को सुनकर निष्पक्ष व त्वरित कार्यवाही कर राहत दें। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए कि दोषियों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लाएं। जनसुनवाई में एक मामला बीते दिनों जलदाय विभाग के एईएन के साथ मारपीट का भी सामने आया। जिसमें विभागीय अधिकारी बिल की वसूली करने गए बाद में उनके साथ मारपीट की गई। अध्यक्ष के सामने दूसरे पक्ष से पीड़िता ने कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया और मारपीट की इसकी रिपोर्ट थाने में देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। महिला के पति ने कहा कि अधिकारियों ने केस दर्ज किया तो उसी दिन गिरफ्तार कर लिया लेकिन हमारे केस में कोई एक्शन पुलिस नहीं ले रही। आयोग अध्यक्ष ने मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहां इसके अलावा भी जन सुनवाई में कई प्रकरण सामने आए।


