इस्लाम में जकात, नमाज, रोजे और हज फर्ज, साथ ही रहमदिली, पड़ोसियों से अपनापन होना भी जरूरी

भास्कर न्यूज | जालंधर रमजान के पाक महीने के दौरान वीरवार को सिल्वर ओक रेजिडेंसी में हाजी मोहम्मद जहीर की तरफ से तराबीह की नमाज में कुरान पूरा होने के बाद दुआ करवाई गई। इस मौके पर एडिश्नल डीजीपी एमएफ फारुखी पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस्लाम में जकात, नमाज, रोजे, हज फर्ज है, लेकिन इसके साथ ही रहमदिली, दूसरों के साथ प्यार से सलूक करना, पड़ोसियों से अपनापन और मां-बाप के साथ हमदर्दी से लेकर अपने भाई-बहन को उनका अधिकार देना भी अहम बात है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में सबसे ज्यादा खास बात है कि इसमें हर एक व्यक्ति के हक को बताया गया है, यहां तक कि शादी के बाद भी लड़कियों को उनका हक मिलना चाहिए। लड़कियों को बराबरी का हक भी इस्लाम ने सिखाया है। इस दौरान हाफिज बिलाल ने कुरान पढ़ी। ठेकेदार यूनियन प्रधान अमजद अली खान, जब्बार खान, कलीम काजमी, वसीम काजमी, आकिब जावेद सलमानी, शाहिद, मुज्जमिल सलमानी, मोहम्मद शौकत सहित काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे, जिन्होंने दुआ में आपसी भाईचारे की कामना की।

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