लुधियाना| गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी में दो सप्ताह का डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण कोर्स करवाया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं के साथ-साथ विदेशों से लौटे नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी गहरी दिलचस्पी दिखाई। कुल 55 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें एक महिला और तीन विदेश से लौटे नागरिक शामिल थे। वीसी डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रसार शिक्षा विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक ज्ञान, कौशल आधारित प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने के लिए यूनिवर्सिटी अपनी प्रतिबद्धता को लगातार आगे बढ़ा रही है। प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा रोजगार सृजन में डेयरी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कोर्स निदेशक डॉ. जसविंदर सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण में सैद्धांतिक पहलुओं को व्यावहारिक ज्ञान के साथ जोड़ा गया। इसके अंतर्गत पशुओं के लिए उपयुक्त आवास, संतुलित आहार, थनैला (लेवे की सूजन) से बचाव प्रबंधन, टीकाकरण, स्वच्छ दूध उत्पादन, प्रजनन प्रबंधन, जैविक सुरक्षा तथा डेयरी विपणन जैसे विषय शामिल किए गए। बिशप प्रताप सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा ने वित्तीय सहायता और ऋण प्राप्त करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सुरिंदर सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, डेयरी विकास विभाग, पंजाब ने डेयरी किसानों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और विभागीय सहायता प्रणालियों के बारे में जानकारी दी।


