राजगढ़ जिले के माचलपुर में फाइनेंस कंपनी के एजेंट से हुई सनसनीखेज लूट ने पूरे इलाके में खलबली मचा दी थी। वहीं, बुधवार को माचलपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए ₹1.22 लाख नकद, दो मोबाइल और दस्तावेज बरामद कर लिए हैं। 13 दिसंबर को फरियादी दिलीप सिंह ने थाना माचलपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह और उनका साथी सुनील विश्वकर्मा, जो खिलचीपुर का रहने वाला है, ग्रामीण क्षेत्रों से कलेक्शन कर जीरापुर लौट रहे थे। गादिया और बंजारा की टापरी के बीच सुनसान इलाके में तीन नकाबपोश लुटेरों ने उनकी मोटरसाइकिल रोककर फर्सा दिखाया और ₹1.22 लाख नकद, दो मोबाइल और केवाईसी दस्तावेज लूट लिए। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा (IPS) ने इसे “टॉप प्रायोरिटी केस” घोषित कर दिया। एसडीओपी खिलचीपुर आनंद राय के निर्देशन में आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। टीम ने कुछ ही दिनों में केस को सुलझाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने वारदात के स्थान और आसपास इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही मोबाइल लोकेशन डेटा (पीएसटीएन) का विश्लेषण कर स्थानीय मुखबिरों से पुख्ता जानकारी लेकर 4 आरोपी 1.बहादुर सिंह (30): मुख्य साजिशकर्ता। 2. जितेंद्र बंजारा (20): बहादुर का भतीजा।3. रामबाबू उर्फ बाबू बंजारा (23): मुख्य सहयोगी।4. नेपाल सिंह (24): बहादुर का साले को गिरफ्तार कर लिया। लूट का मास्टरमाइंड बहादुर सिंह खोयरा बंजारा गांव का रहने वाला बहादुर सिंह, जिसने 6 महीने पहले एक ट्रैक्टर फाइनेंस करवाया था, वह इस लूट का मास्टरमाइंड निकला। लूट की वारदात वाले दिन उसने अपने ट्रैक्टर कि दूसरी किस्त जमा करने के बहाने उसने फाइनेंस एजेंट दिलीप सिंह को अपने घर बुलाया। बहादुर ने फाइनेंस कम्पनी के कर्मचारी दिलीप और सुनील को 92,000 रुपए की किश्त दी। इसके बाद उसके बदले पक्की रसीद ली। जब दोनों पैसे लेकर लौटने लगे, तो सुनसान रास्ते में बहादुर ने अपने भतीजों और साले के साथ मिलकर पूरी लूट को अंजाम दिया।


