भास्कर न्यूज | राउरकेला सेक्टर-13 के मेला मैदान में सरस स्वदेशी मेले का आयोजन चल रहा है। यह मेला पहले सुंदरगढ़ में होता था, लेकिन पहली बार राउरकेला में आयोजित होना व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है। हालांकि, मेले में कई तरह की अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे स्टॉल व्यापारियों में असंतोष फैला है। जानकारी के अनुसार, जितने समूह और राज्य के बाहर से पंजीकृत संस्थाएं आई हैं, उनसे अधिक संख्या में निजी संस्थाओं को स्टॉल आवंटित किए गए हैं। सरकारी कार्यक्रम में तीसरी संस्था मध्यस्थ की भूमिका निभा रही है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से उन पर कोई नियंत्रण नहीं होने के कारण निर्धारित संख्या से 100 से अधिक अतिरिक्त स्टॉल खोल दिए गए हैं। स्वयं सहायता समूहों और बाहरी सरकारी पंजीकृत संस्थाओं से स्टॉल शुल्क नहीं लिया गया, जबकि अन्य व्यापारियों से प्रति स्टॉल 20 से 25 हजार रुपये वसूले गए। व्यापारियों ने बताया कि पर्याप्त प्रचार-प्रसार न होने के कारण बिक्री कम हो रही है। निजी स्टॉलों को बेहतर स्थान दिए गए हैं, जबकि स्वयं सहायता समूहों और बाहरी व्यापारियों को अलग-अलग कोनों में जगह मिली है। कुछ व्यापारियों ने कहा कि भुवनेश्वर के तोषाली मेले के मुकाबले यहां बिक्री का स्तर मात्र एक-तिहाई है। वाहन समय पर मेला परिसर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे स्टॉल संचालकों को परेशानी हो रही है। सुरक्षा व्यवस्था भी अधूरी है; केवल मेला कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे हैं, बाकी क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा नहीं।


