भोपाल और जबलपुर में मार्च की ठंड ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इन शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। राजगढ़, उमरिया-खजुराहो समेत 13 शहरों में तापमान 6 से 9.8 डिग्री तक रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया अगले 3 दिन प्रदेश में हल्की ठंड रहेगी। इसके बाद पारे में बढ़ोतरी होगी और दिन-रात गर्मी का असर देखने को मिलेगा। डॉ. सुरेंद्रन ने बताया, पिछले 2-3 दिन से उत्तरी हवा आने से प्रदेश में ठंड का असर देखने को मिल रहा है। कई शहरों में तो पारा 6 डिग्री तक पहुंचा है। इससे कोल्ड वेव की स्थिति भी बनी रही। अब हवा की रफ्तार कम हुई है। वहीं, दिशा भी बदलेगी। ऐसे में ठंड का असर कम होने लगेगा। 15 मार्च के बाद कुछ शहरों में दिन का पारा 40 डिग्री और रात में 18 डिग्री से अधिक पहुंच सकता है। बारिश के आसार नहीं
मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्रन ने बताया कि इस सप्ताह प्रदेश में कहीं भी बारिश होने के आसार नहीं है। आसमान साफ रहेगा और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। शाजापुर के पास गिरवर-कल्याणपुर सबसे ठंडे, पारा 6 डिग्री
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में प्रदेश के कई शहर कंपकंपा उठे। सबसे ज्यादा ठंडे शाजापुर के पास गिरवर और शहडोल का कल्याणपुर रहा। यहां रात का तापमान 6 डिग्री तक पहुंच गया। बड़वानी के तालुन में 7.5 डिग्री, सीहोर में 7.8 डिग्री, मंडला-नौगांव में 8 डिग्री, मलाजखंड में 8.1 डिग्री, उमरिया में 8.2 डिग्री, राजगढ़ में 8.4 डिग्री और खजुराहो में पारा 9 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9, जबलपुर 9.6, इंदौर 10.8 और ग्वालियर में पारा 11.6 डिग्री दर्ज किया गया। इधर, गुरुवार को दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि, ठंडी हवाओं का असर जारी रहा। 9 मार्च को नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 मार्च से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। ऐसा होने पर दो दिन बाद प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश होने के अभी आसार नहीं है। अगले 2 दिन ऐसा मौसम पहले सप्ताह में ओले-बारिश, अब पारे में गिरावट वहीं, अधिकतम तापमान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में सामान्य से बढ़े रहेंगे। भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में यह सामान्य 31-34 डिग्री सेल्सियस पर बना रहेगा। इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है। पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छाए रहेंगे। दक्षिण-पूर्वी हवाओं के आने से जबलपुर, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। मार्च के आखिरी दिनों में ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के साथ राजगढ़, सीहोर, विदिशा, बैतूल और हरदा जिलों में 3-4 दिन तक लू भी चल सकती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे
मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में तीनों मौसम का असर
मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है जबकि रात में 10 से 17 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में ग्वालियर में मौसम सबसे ज्यादा बदला हुआ रहता है। यहां रात में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश
भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा
इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड
मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, वर्ष 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी
जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भी
उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।


