नई नगर सरकार को पांच पुरानी समस्याओं पर करना होगा काम

भास्कर न्यूज| जांजगीर शहर की नई सरकार रविवार की सुबह नगर पालिका की बागडोर संभालेगी। नई सरकार के मुखिया रूप में रेखा गढ़ेवाल कुर्सी संभालेंगी, वहीं उनके सहयोगी के रूप में भाजपा और कांग्रेस के 25 पार्षद साथ होंगे। इसी तरह नगर पालिका चांपा में प्रदीप नामदेव और अकलतरा में दीप्ति सारथी को शहर की जनता ने बंपर वोट देकर अध्यक्ष के रूप में चुनकर जिस तरह विश्वास जताया है। उससे अब जनता की उम्मीदों पर न सिर्फ खरा उतरने का उन पर दबाव रहेगा, बल्कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष के रूप में उन्हें पांच चुनौतियां भी विरासत में मिलगी। इनसे निपटकर ही नवनिर्वाचित अध्यक्ष नगरवासियों की उम्मीदों की कसौटी पर खरे उतर पाएंगे। नई सरकार के गठन के बाद जनता की उम्मीदें और अपेक्षाएं अब बढ़ गई हैं। जनता ने अपने वोट से इस बार जिन नेताओं को चुना है, उनसे वे विकास, न्याय और समृद्धि की उम्मीद रखते हैं। रविवार को नगर पालिका जांजगीर-नैला, चांपा और अकलतरा में निर्वाचित अ​ध्यक्ष सहित पार्षद शपथ ग्रहण करेंगे। नव निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपने कार्यकाल की शुरुआत की शपथ लेंगे और जिम्मेदारी का एहसास करेंगे। समारोह में नगर पालिका प्रमुखों सहित अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होंगे। 1. कचरे का प्रबंधन: सफाई की तमाम योजनाओं के बाद भी अब भी नगर पालिका जांजगीर सहित शहर से हर दिन 30 से 40 टन कचरा निकल रहा है। ट्रेंचिंग ग्राउंड नहीं होने के कारण कचरा यहां-वहां फेंका जा रहा है। निष्पादन की प्रॉपर व्यवस्था नहीं है। 2. अंडर ग्राउंड सीवरेज सिस्टम: गंदे पानी की निकासी अब भी पुरानी पद्धति से सड़क के ऊपर नालियों से हो रही है। पिछले कार्यकाल में अंडर ग्राउंड सीवरेज सिस्टम के लिए सर्वे भी कराया गया था। 3. जल आवर्धन योजना: शहर में पिछले 8 साल से जल आवर्धन का काम जारी है, मगर सालों बाद भी अब तक निर्माण कार्य अधूरा है। गर्मी के दिनों में हर साल शहरवासियों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। गर्मी के साथ ही अब वाटर लेबल भी गिरने लगा है। 4. प्रदूषण से मुक्ति: शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने की मंशा से पिछले कार्यकाल में विशेष सफाई के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी अभियान शुरू किया गया था, लेकिन यह केवल कागजों में सिमटकर रह गया। करोड़ों खर्च करने के बाद अधिकांश टीपर और ई रिक्शा बिना उपयोग के कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। अब तक कचरा श्रमिक कार्यालय के बाहर ही फेंका जा रहा था। 5. सिटी बस की सुविधा: अव्यवस्थित यातायात जनता के लिए सबसे बड़ी परेशानी का कारण है। नैला रोड, विवेकानंद मार्ग, मेन रोड पर अव्यवस्था के चलते रोज दुर्घटना की शिकायत रहती है। सड़कों पर वाहनों की पार्किंग भी बड़ी समस्या है। शहरवासियों को कोरोनाकाल के बाद से सिटी बस की सुविधा नहीं मिली है। केवल चांपा से कोरबा के बीच कुछ सिटी बसें संचालित है। 9 मार्च को जांजगीर-नैला, चांपा और अकलतरा में निर्वाचित प्रतिनिधि शपथ लेंगे। सुबह 10 बजे अकलतरा में नगर पालिका कार्यालय के सभा कक्ष में शपथ ग्रहण समारोह होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद कमलेश जांगड़े होंगी। इसी तरह नगर पालिका जांजगीर-नैला में सुबह 11 बजे आडिटोरियम हॉल में और दोपहर साढ़े 12 बजे चांपा के डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामुदायिक भवन में होगा।

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