डूंगरपुर में 2 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप मे पकड़े गए जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कच्छावा के कोटा के महावीर नगर थर्ड स्थित मकान की तलाशी ली गई। इसमें 9 लाख से अधिक रुपए नकद मिले हैं। इसके अलावा दो प्लॉट के दस्तावेज सहित कुल मिलाकर 4 करोड़ 16 लाख रुपए से अधिक की चल-अचल सम्पत्ति का खुलासा हुआ है। अब एसीबी उसके खिलाफ अधिक आय से संपत्ति का केस दर्ज करेगी। एसई कच्छावा कोटा व हाड़ौती में कई पदों पर रहा। जानकारी के अनुसार करीब 29 साल की नौकरी में कई बार एपीआे हुआ है। कार्यकाल के दौरान काफी शिकायतें भी रही। एसीबी के एएसपी विजय स्वर्णकार का कहना है कि घर पर वृद्ध मां, प|ी व एक बेटा रहता है। घर में कोई चांदी सोने की ज्वैलरी बहुत अधिक नहीं मिली है। इसका सारा ध्यान पैसों के निवेश को लेकर था। इसके पास 1.87 करोड़ रुपए की तो एफडीआर मिली है। इसके अलावा कई इंश्योरेंस करवा रखी है। यह समझ से बाहर है कि इतने सारे बैंक खाते क्यों खुलवाए हुए हैं। संभवत: लॉकर भी होगा। इसकी जानकारी बैंकों से मिलेगी। कोटा एसीबी के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि टीम ने एसई अनिल कच्छावा के महावीर नगर थर्ड स्थित मकान पर सर्च किया। मंगलवार रात से लेकर बुधवार सुबह 8 बजे तक कार्रवाई चली। मौके से 9 लाख रुपए मिले। इसके अलावा 1 करोड़ 87 लाख से अधिक के एफडीआर व बचत पत्र, 1 करोड़ 16 लाख कीमत के दो भूखंड के दस्तावेज, 88 लाख 32 हजार की रकम बैंक खातों में जमा सहित कुल 4 करोड़ 16 लाख से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। दो दर्जन के करीब बैंक अकाउंट का भी पता लगा है। खातों व लॉकर के बारे में जांच की जानी है। अब एसीबी इस मामले में अलग से आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज करेगी। घर मंे नहीं मिली ज्वैलरी, ज्यादातर फोकस निवेश पर कोटा में एसीबी की टीम एसई अनिल कच्छावा के घर की तलाशी लेते हुए।


