निष्कासन के विरोध में नकलची छात्रों ने की तालाबंदी; कहा- पढ़ाई नहीं हुई, हमें नकल करने दो

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) के यूजी- पीजी परीक्षा में नकल करते पकड़े गए 20 परीक्षार्थियों को निष्कासित कर दिया गया था। इसके विरोध में गुरुवार की सुबह 11 बजे छात्रों ने कर्मचारियों और अधिकारियों को जबरन कार्यालय से बाहर निकाल कर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया और निष्कासन वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। इसका नेतृत्व छात्र आजसू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो कर रहे थे। बबलू का कहना था कि अधिकांश परमानेंट शिक्षक क्लास नहीं लेते हैं। सिलेबस कंप्लीट नहीं होता है, इसलिए परीक्षार्थी नकल करने को विवश हैं। स्नातक फर्स्ट सेमेस्टर (सेशन 2023-27) का समय पर रिजल्ट देने में भी यूनिवर्सिटी प्रशासन विफल रहा है। दो घंटे तक छात्रों के प्रदर्शन करने के बाद एक बजे रजिस्ट्रार डॉ. नमिता सिंह, प्रॉक्टर डॉ. राजेश कुमार सिंह छात्रों से बात करने पहुंचे। इसके बाद वीसी प्रो. तपन कुमार शांडिल्य पहुंचे और छात्रों को वार्ता करने के लिए बुलाया। वीसी ने स्पष्ट कहा कि नकल के साथ कंप्रोमाइज नहीं कर सकते हैं। फर्स्ट सेमेस्टर का लंबित रिजल्ट 25 अप्रैल से पहले जारी कर दिया जाएगा। … इसलिए रिजल्ट लंबित स्नातक फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा की कॉपियों की जांच कर अधिकांश विभागों ने अंक भेज दिए हैं। मात्र 5 विभागों ने अबतक अंक नहीं भेजे हैं, जिसके कारण रिजल्ट पेंडिंग है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने वीसी को बताया कि बार-बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी इन विभागों द्वारा अंक नहीं भेजे गए हैं। छात्रों और वीसी के बीच बातचीत के मुख्य अंश… छात्र : निष्कासन वापस ले रहे हैं? वीसी : नकल करने वाले छात्रों को दंड जरूरी है, इसलिए निष्कासन वापस नहीं लिया जा सकता है। अन्य विकल्प पर विचार करने के लिए एग्जाम बोर्ड में निर्णय लिया जाएगा। स्पेशल एग्जाम हो सकता है। छात्र : रिजल्ट का प्रकाशन समय पर क्यों नहीं किया जाता है? परीक्षा नियंत्रक : कुछ विभागों द्वारा समय पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर अंक समय पर नहीं भेजे जाते हैं, जिससे रिजल्ट लंबित रहता है। वीसी ने कहा कि मूल्यांकन विवि के बाहर के शिक्षकों से कराएं। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि मूल्यांकन बाहर से कराने पर पारिश्रमिक भुगतान समय पर नहीं होता। छात्र : समय पर अंक नहीं भेजने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई क्यों नहीं? वीसी : जिन विभागों द्वारा मूल्यांकन के बाद अंक नहीं भेजे गए, उसकी लिस्ट भेजें, ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके। छात्र : 25 मार्च से पहले रिजल्ट नहीं आया तो छात्रवृत्ति फॉर्म कैसे भरेंगे? वीसी : रिजल्ट घोषित कर दिए जाएंगे। किसी कारण से रिजल्ट घोषित नहीं होने की स्थिति में कल्याण विभाग को छात्रवृत्ति फॉर्म जमा करने की तिथि बढ़ाने के लिए पत्र लिखेंगे।

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